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वैभव हत्याकांड का खौफनाक सच (IMG: Dynamite News)
Gorakhpur: गोरखपुर के खजनी कस्बे में 12 वर्षीय वैभव वर्मा हत्याकांड ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। जिस मासूम को बचाने के लिए पुलिस पूरी रात गांव-गांव, खेतों, बागों और संभावित ठिकानों पर तलाश करती रही, उसकी हत्या अपहरण के महज आधे घंटे के भीतर ही कर दी गई थी। इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात यह रही कि आरोपी परिवार के साथ ही वैभव की तलाश में घूमता रहा और खुद को बेगुनाह दिखाने की कोशिश करता रहा। लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने आखिरकार उसकी पूरी कहानी पलट दी।
वैभव के लापता होने की सूचना मिलते ही खजनी पुलिस सक्रिय हो गई थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ के निर्देशन में एसपी साउथ समेत कई अधिकारियों ने तत्काल अलग-अलग टीमें गठित कीं। पुलिस ने मासूम की तलाश में रातभर अभियान चलाया। गांव के आसपास के इलाकों से लेकर खेतों, बागों और संभावित ठिकानों तक पुलिस की टीमें पहुंचीं। स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाने के साथ-साथ तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी खंगाला गया। पुलिस की कोशिश थी कि किसी भी तरह वैभव को सुरक्षित बरामद कर लिया जाए।
इस हत्याकांड में सबसे चौंकाने वाला पहलू आरोपी का व्यवहार रहा। पुलिस जांच में सामने आया कि जिस वक्त वैभव का परिवार अपने बच्चे की तलाश में बदहवास होकर इधर-उधर भटक रहा था, उसी दौरान आरोपी भी उनके साथ मौजूद था। वह लगातार ऐसा दिखाने की कोशिश करता रहा कि उसे भी मासूम की चिंता है और वह परिवार के साथ उसकी तलाश कर रहा है। इस वजह से शुरुआती दौर में उस पर किसी को शक नहीं हुआ।
पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों और सामने आए तथ्यों के आधार पर सर्वेश शर्मा उर्फ भट्ट को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। शुरुआत में पुलिस के सवालों का सामना करने की कोशिश की गई, लेकिन कड़ी पूछताछ में आरोपी ज्यादा देर तक अपनी कहानी पर कायम नहीं रह सका। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने आखिरकार अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर उसके घर पर कार्रवाई की।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस उसके घर पहुंची। वहां तहखाने में गद्दे के नीचे रखे एक बोरे से मासूम वैभव का शव बरामद किया गया। शव को जिस तरह छिपाकर रखा गया था, उससे पुलिस को आशंका है कि आरोपी उसे जल्द ही किसी दूसरी जगह ले जाकर ठिकाने लगाने की तैयारी में था। अगर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में और देरी करती तो शव को दूसरी जगह ले जाने और महत्वपूर्ण साक्ष्यों को मिटाने का खतरा था।
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पूरी रात चली पुलिस की तलाश, तकनीकी निगरानी, स्थानीय सूचनाओं और संदिग्धों से पूछताछ के बाद जांच तेजी से आगे बढ़ी। पुलिस ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को तकनीकी तथ्यों से जोड़ते हुए आरोपी तक पहुंच बनाई। इस मामले ने यह भी दिखाया कि किसी अपराध की जांच में शुरुआती कुछ घंटे कितने महत्वपूर्ण होते हैं। अगर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में देर करती तो शव को दूसरी जगह ले जाने की कोशिश हो सकती थी और जांच में अहम साक्ष्य जुटाना मुश्किल हो सकता था।
हत्याकांड का खुलासा होने के बाद भी परिवार के सामने सबसे बड़ा दर्द यही है कि जिस बच्चे को बचाने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही थी, वह अपहरण के कुछ ही समय बाद दुनिया छोड़ चुका था। वैभव की हत्या की खबर सामने आने के बाद खजनी समेत पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। लोगों में आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग है।
Location : Gorakhpur
Published : 29 July 2026, 8:36 PM IST