असगर अली हत्याकांड में नया मोड़, टोल पर नहीं मिला कार का CCTV; आधी रात की वारदात में कौन-कौन था, तलाश जारी

आगरा के असगर अली हत्याकांड की अग्रिम विवेचना में पुलिस को कार सवार आरोपियों की पहचान में मुश्किल आ रही है। कौरई टोल से सिर्फ नंबर प्लेट की फुटेज मिली है। कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस हाईवे और आसपास के CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है, ताकि पूरी साजिश सामने आ सके।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 15 September 2026, 9:30 AM IST
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Agra: आगरा के ट्रांसपोर्टर असगर अली हत्याकांड की जांच में पुलिस के सामने एक अहम सवाल अब भी बना हुआ है। जिस कार से असगर अली को कुचलकर मौत के घाट उतारा गया, उसमें घटना के वक्त कितने लोग सवार थे, इसका जवाब तलाशने में पुलिस को CCTV फुटेज की कमी से परेशानी हो रही है। कौरई टोल प्लाजा से केवल नंबर प्लेट की फुटेज मिल सकी है, जबकि कार के अंदर बैठे लोगों की जानकारी नहीं मिल पाई है।

हादसे की FIR से हत्या तक पहुंचा मामला

मेवाती गली, शाहगंज निवासी असगर अली की 4 अप्रैल को कार से टक्कर मारकर हत्या कर दी गई थी। शुरुआत में पुलिस ने इसे सड़क हादसा मानते हुए प्राथमिकी दर्ज की थी। बाद में जांच के दौरान मामले में हादसे की धाराओं को हत्या में तरमीम कर दिया गया।

मामले में रवि यादव के खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल किया जा चुका है। हालांकि, पीड़ित परिवार ने हत्या की साजिश में एक जीएसटी अधिकारी, उनके पति जो नगर निगम के अधिकारी हैं, समेत अन्य लोगों पर शक जताया था। पुलिस इन आरोपों और संभावित संलिप्तता की भी जांच कर रही है।

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कोर्ट के आदेश के बाद फिर शुरू हुई विवेचना

रवि यादव की ओर से अदालत में प्रार्थनापत्र देकर पुलिस की विवेचना पर सवाल उठाए गए थे। मामले में अदालत ने सभी तथ्यों को शामिल करते हुए अग्रिम विवेचना के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने दोबारा साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है।

जांच का एक अहम हिस्सा घटना के समय कार में मौजूद लोगों की पहचान करना है। इसके लिए पुलिस ने हाईवे और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज जुटानी शुरू की है।

कौरई टोल पर मिला सिर्फ नंबर प्लेट का सुराग

पुलिस ने कौरई टोल के कर्मचारियों से संपर्क कर वहां की CCTV फुटेज मांगी। कर्मचारियों ने बताया कि पुरानी फुटेज उपलब्ध नहीं हो पा रही है। पुलिस को टोल से गुजरते समय वाहन की नंबर प्लेट की फुटेज ही मिल सकी है।

इस फुटेज से कार की पहचान में मदद मिल सकती है, लेकिन उसमें सवार लोगों की संख्या और उनकी पहचान स्पष्ट नहीं हो पा रही है। ऐसे में पुलिस के लिए यह पता लगाना चुनौती बना हुआ है कि हत्या के वक्त कार में कौन-कौन मौजूद था।

हाईवे के दूसरे कैमरों से खुलेगा राज?

एसीपी गौरव सिंह के अनुसार घटनास्थल से लेकर हाईवे तक कई स्थानों पर CCTV कैमरे लगे हुए हैं। पुलिस इन सभी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। जिस भी स्थान से घटना वाले दिन की रिकॉर्डिंग मिलती है, उसे विवेचना का हिस्सा बनाया जाएगा।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि असगर अली की हत्या की पूरी साजिश क्या थी और वारदात को अंजाम देने वाले लोगों की संख्या कितनी थी। CCTV फुटेज और दूसरे साक्ष्यों से इस मामले में कई अहम सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।

Location :  Agra

Published :  15 September 2026, 9:30 AM IST

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