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दिशा सालियान केस में सुप्रिया सुले का बयान (सोर्स- एक्स)
Pune: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से भूचाल आ गया है। दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में नया मोड़ आया है, जिसके बाद सूबे की सियासत का पारा चढ़ गया है। बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा इस मामले में औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इस नई एफआईआर में शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे सहित कई चर्चित हस्तियों के नाम शामिल होने की बात सामने आई है। इस ताजा घटनाक्रम ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
बॉम्बे हाई कोर्ट की डिवीज़न बेंच (जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे) ने मामले की सुनवाई करते हुए गहरी चिंता जताई थी। अदालत ने गौर किया था कि परिवार द्वारा हत्या के गंभीर आरोप लगाने के बावजूद पुलिस ने शुरुआत में इसे सिर्फ 'एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट' (ADR) के रूप में दर्ज किया था। इतना ही नहीं, घटना के पांच साल बीत जाने के बाद भी पीड़िता के परिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एडीआर की कॉपी तक मुहैया नहीं कराई गई थी। अदालत के इसी कड़े रुख और गहन जांच के आदेश के बाद सोमवार को सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की।
अदालत में दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील नीलेश ओझा ने मीडिया को जानकारी दी कि यह एफआईआर सतीश सालियान की शिकायत की शुरुआती जांच और बयानों के आधार पर दर्ज की गई है।
गंभीर धाराएं: यह मामला महज दुर्घटना का नहीं, बल्कि गैंगरेप, हत्या और अपराध के सबूत मिटाने की कोशिश से जुड़ा है। इसमें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376D, 302, 201, 217, 218 और 120B के तहत मुख्य अपराध दर्ज किए गए हैं।
शामिल नाम: इस एफआईआर में शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे, अभिनेता डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, आदित्य ठाकरे के बॉडीगार्ड, रोहन रॉय, रिया चक्रवर्ती और पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के नाम शामिल हैं।
पुलिस और अन्य अधिकारी: इसके अलावा, तत्कालीन डीसीपी विशाल ठाकुर, झूठे रिकॉर्ड तैयार करने वाले पुलिसकर्मी, मालवानी पुलिस स्टेशन के पीआई, एसआईटी के सदस्य, डॉक्टर संजय यादव और फोरेंसिक लैब के उस केमिकल एनालिस्ट का नाम भी शामिल है जिस पर गैंगरेप की रिपोर्ट बदलने का आरोप है।
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इस बड़े घटनाक्रम के सामने आने के बाद राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं-
सुप्रिया सुले की हैरानी: एनसीपी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने इस पर गहरी हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि यह और भी चौंकाने वाला है क्योंकि इसी मौजूदा सरकार ने पहले इस मामले को बंद कर दिया था। उन्होंने कहा कि वह इस पूरे घटनाक्रम की गहराई जानने के लिए शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत से चर्चा करेंगी। राजनीतिक साजिश के सवाल पर उन्होंने इशारों में कहा कि आज के दौर में सरकार के भीतर कुछ भी संभव है, जहां केंद्रीय एजेंसियों (ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स) का इस्तेमाल कर दबाव बनाया जाता रहा है।
वारिस पठान की नसीहत: दूसरी ओर, एआईएमआईएम (AIMIM) नेता वारिस पठान ने इस मामले को तूल न देने की बात कही है। उनका कहना है कि पिछले छह साल से एक पिता अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार लगा रहा है और उनका रुख शुरू से यही रहा है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है। पठान ने स्पष्ट किया कि इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक रंग देने के बजाय कानूनी प्रक्रिया के तहत ही इसका फैसला होना चाहिए।
Location : Pune
Published : 15 September 2026, 10:02 AM IST