देवरिया में कस्तूरबा गांधी विद्यालय निर्माण में लेट-लतीफी पर भड़के डीएम, दिए कड़े निर्देश

देवरिया के गौरीबाजार में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के निर्माण में डेढ़ साल की देरी पर डीएम मधुसूदन हुल्गी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सितंबर 2026 तक छात्रावास और अक्टूबर 2026 तक एकेडमी ब्लॉक हर हाल में हैंडओवर करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

Updated : 15 September 2026, 10:02 AM IST
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Deoria: जनपद के गौरीबाजार स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के निर्माण कार्य में हुई डेढ़ साल की लंबी लेट-लतीफी पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। निर्माण कार्य की सुस्त रफ्तार से नाराज जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सोमवार को औचक निरीक्षण किया और अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तय समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

फरवरी 2024 में शुरू हुआ था प्रोजेक्ट, अगस्त 2025 तक था पूरा होना

जानकारी के मुताबिक, इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक परियोजना का शुभारंभ फरवरी 2024 में किया गया था। प्रशासनिक योजनाओं के अनुसार इस पूरे निर्माण कार्य को अगस्त 2025 तक ही पूरा कर लिया जाना था।

लेकिन, निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बाद भी जब निर्माण कार्य अधूरा मिला, तो जिलाधिकारी ने इसे बेहद गंभीरता से लिया। मौके पर पहुंचे डीएम ने एकेडमी ब्लॉक और बालिका छात्रावास के विभिन्न हिस्सों का बारीकी से जायजा लिया तथा निर्माण कार्य की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की।

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अब सितंबर और अक्टूबर तक हैंडओवर होंगे ब्लॉक

जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान दो टूक शब्दों में निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों में अब और कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इसके लिए नई और अंतिम समय-सीमा निर्धारित कर दी है:

बालिका छात्रावास: इसे हर हाल में सितंबर 2026 तक पूरा कर संबंधित विभाग को हैंडओवर किया जाए।

एडमी ब्लॉक: इस ब्लॉक के बचे हुए सभी कार्य अक्टूबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करके सौंपे जाएं।

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गुणवत्ता और सुरक्षा पर विशेष जोर

डीएम ने केवल समय-सीमा का ही ध्यान नहीं रखा, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर भी अधिकारियों को चेताया।

गुणवत्ता: निर्माण कार्य मानकों के बिल्कुल अनुरूप होने चाहिए ताकि भवन हैंडओवर होने के बाद उसमें किसी भी तरह की कमी न निकले।

परिसर की सुरक्षा: जब यह बात सामने आई कि मौजूदा प्रोजेक्ट में बाउंड्रीवॉल का प्रावधान नहीं है, तो डीएम ने तुरंत कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बालिकाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए विद्यालय की जमीन को सुरक्षित रखने के लिए पिलर और वायर फेंसिंग जैसी वैकल्पिक व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित की जाए।

प्रशासन की इस सख्ती के बाद अब संबंधित निर्माण एजेंसियों और अधिकारियों पर तय डेडलाइन के भीतर काम खत्म करने का भारी दबाव आ गया है। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को जल्द से जल्द बेहतर शैक्षणिक और आधुनिक आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

Location :  Deoria

Published :  15 September 2026, 10:02 AM IST

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