‘मोबाइल हाथ में है, लेकिन किताब से दूरी बढ़ रही है’, आखिर आने वाली पीढ़ी के लिए क्यों है चिंता की बात?

देवरिया के रुद्रपुर में पुस्तक विमोचन समारोह के दौरान युवा पीढ़ी और किताबों के बीच बढ़ती दूरी पर गंभीर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि मोबाइल और कंप्यूटर ने पढ़ने की आदत को प्रभावित किया है, लेकिन असली चिंता इससे कहीं आगे की है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 14 September 2026, 9:21 AM IST
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Deoria: देवरिया जनपद के रुद्रपुर तहसील क्षेत्र स्थित एक मैरिज हॉल में रविवार को द साइंस हर पुस्तक का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में जनपद स्तर पर शिक्षा और साहित्य से जुड़े प्रबुद्ध वर्ग के लोगों ने सहभागिता की और आधुनिक दौर में पुस्तकों, साहित्य और संस्कारों की बदलती स्थिति पर अपने विचार रखे।

डिजिटल माध्यमों की ओर बढ़ता झुकाव

कार्यक्रम के दौरान डॉ. प्रत्यूष कुमार भारत की पुस्तक “द साइंस ऑफ” हर का विमोचन किया गया। पुस्तक के विमोचन के अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान आधुनिक युग में तकनीक का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। युवा वर्ग का झुकाव मोबाइल, कंप्यूटर और डिजिटल माध्यमों की ओर लगातार बढ़ता जा रहा है, जबकि पुस्तकों और लेखन के प्रति रुचि कम होती दिखाई दे रही है। वक्ताओं ने इसे आने वाले समय के लिए गंभीर चुनौती बताया।

साहित्य समेत इन विषयों पर हुई चर्चा

मंच से वक्ताओं ने साहित्य से लेकर सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक मूल्यों में आ रहे बदलावों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में पीसीएस अधिकारी बनना, जज बनना या किसी बड़े पद तक पहुंचना संभव है, लेकिन संस्कारवान, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनना लगातार कठिन होता जा रहा है। शिक्षा का उद्देश्य केवल पद और प्रतिष्ठा हासिल करना नहीं, बल्कि व्यक्ति के भीतर विवेक, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी पैदा करना भी है।

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वक्ताओं ने कहा कि पुस्तकें व्यक्ति को केवल ज्ञान नहीं देतीं, बल्कि उसके विचारों को दिशा देने के साथ-साथ समाज और जीवन को समझने की दृष्टि भी प्रदान करती हैं। ऐसे में युवा पीढ़ी को डिजिटल दुनिया के साथ पुस्तकों और साहित्य से भी जोड़ना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

प्रबुद्धजनों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह ने की। आयोजनकर्ता राणा प्रताप सिंह ने मंच पर मौजूद अतिथियों और कार्यक्रम में पहुंचे सभी प्रबुद्धजनों का शाल ओढ़ाकर सम्मान किया। डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह, राणा प्रताप सिंह, डॉ. प्रत्यूष कुमार भारत समेत अन्य वक्ताओं ने पुस्तक और उसके महत्व पर अपने विचार रखे।

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समारोह में सत्य प्रकाश गुप्ता, सत्य प्रकाश सिंह, अखिलेश प्रताप सिंह, श्यामानंद पांडेय, विनय गुप्ता, काफी संख्या में लोग मौजूद रहे वक्ताओं ने शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे गिरावट को लेकर चिंता व्यक्त की वक्ताओं ने लेखनी पर जादा बल देने पर जोर दिया गया शिक्षा एवं साहित्य से जुड़े अनेक लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में डॉ. प्रत्यूष कुमार भारत और राणा प्रताप सिंह समेत आयोजन से जुड़े सहयोगियों ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। 

Location :  Deoria

Published :  14 September 2026, 9:21 AM IST

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