विधायक निधि में कथित लेन-देन और वीडियो वायरल मामले में विकास भवन के वरिष्ठ सहायक पर FIR; निलंबन से मचा…

महराजगंज में विधायक निधि में कथित लेन-देन से जुड़े वायरल वीडियो ने प्रशासन में हलचल मचा दी। जनआक्रोश और प्रशासन की छवि प्रभावित होने की शिकायत के बाद परियोजना निदेशक ने कोतवाली में तहरीर दी। वरिष्ठ सहायक अर्जुन कुमार गौतम के खिलाफ BNS की धाराओं में मुकदमा दर्ज, तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई शुरू हो गई है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 13 September 2026, 10:50 PM IST
google-preferred

Maharajganj:  विकास भवन में तैनात वरिष्ठ सहायक के खिलाफ विधायक निधि में कथित लेन-देन से जुड़े वायरल वीडियो के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई का शिकंजा कस दिया।

जिला ग्राम्य विकास अभिकरण में तैनात वरिष्ठ सहायक अर्जुन कुमार गौतम के खिलाफ कोतवाली सदर महराजगंज में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके साथ ही संबंधित लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने की बात प्रशासन की ओर से कही गई है।

वायरल वीडियो ने मचाई हलचल

मामला 7 सितंबर 2026 को सामने आया, जब विधायक निधि में कथित लेन-देन से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। प्रशासन के अनुसार वीडियो वायरल होने के बाद जनमानस में अफवाहें फैलने लगीं और आमजन में आक्रोश की स्थिति उत्पन्न होने लगी। इससे प्रशासन की छवि प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए मामले को गंभीरता से लिया गया।

इसके बाद परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण रामदरश चौधरी ने 12 सितंबर को कोतवाली सदर महराजगंज को पत्र भेजकर वरिष्ठ सहायक अर्जुन कुमार गौतम के विरुद्ध विधिक कार्रवाई का अनुरोध किया। तहरीर में वायरल वीडियो का उल्लेख करते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की गई।

पुलिस की कार्रवाई 

पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(1)(b) और 353(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। वायरल वीडियो की सत्यता, उसमें दिखाई दे रहे कथित लेन-देन और पूरे प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।

अखिलेश यादव से मिले सुशील टिबड़ेवाल, सिसवा सहित महराजगंज की पांचों विधानसभा सीटों पर जीत का दिया लक्ष्य

जीरो टॉलरेंस नीति का हवाला, निलंबन के साथ FIR

प्रशासन ने इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के प्रति शासन की जीरो टॉलरेंस नीति से जोड़ते हुए स्पष्ट संदेश दिया है। परियोजना निदेशक रामदरश चौधरी के अनुसार प्रथम दृष्टया सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए एफआईआर की कार्रवाई की गई है।

उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यों में पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। ऐसे मामलों में कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

महराजगंज में अचानक सड़कों पर उतरी भारी पुलिस फोर्स, जानें क्या था मकसद?

जांच में जुटी पुलिस 

अब पुलिस जांच पर सबकी निगाहें टिकी हैं। जांच में वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की वास्तविकता सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विधायक निधि में कथित लेन-देन का पूरा मामला क्या है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।

Location :  Maharajganj

Published :  13 September 2026, 10:39 PM IST

Advertisement