पुलवामा आतंकी हमले में फंसाने की धमकी देकर रिटायर्ड अफसर से 19 लाख की ठगी, लखनऊ में हुआ बड़ा क्राइम

लखनऊ में साइबर ठगों ने रिटायर्ड परिवहन अधिकारी को पुलवामा आतंकी हमले, टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर करीब 19 लाख रुपये ठग लिए। जालसाजों ने पुलिस, डीजीपी महाराष्ट्र और सीबीआई डायरेक्टर बनकर वीडियो कॉल की।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 13 September 2026, 8:21 PM IST
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Lucknow News: साइबर ठग अब लोगों को डराने के लिए सिर्फ बैंक खाते या KYC का सहारा नहीं ले रहे, बल्कि आतंकवाद और जांच एजेंसियों के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं। लखनऊ में एक रिटायर्ड परिवहन अधिकारी को पुलवामा आतंकी हमले, टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी देकर करीब 19 लाख रुपये ठग लिए गए। जालसाजों ने खुद को कभी महाराष्ट्र पुलिस का अधिकारी बताया तो कभी डीजीपी महाराष्ट्र और सीबीआई डायरेक्टर से बात कराने का दावा किया।

आधार कार्ड के गलत इस्तेमाल का डर दिखाया

महानगर इलाके में रहने वाले रिटायर्ड परिवहन अधिकारी के मुताबिक, 1 सितंबर 2026 को उनके पास एक फोन आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम सुरेश म्हात्रे बताया और कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर मुंबई में एक सिम कार्ड खरीदा गया है। इसी सिम से मुंबई के एक बैंक में खाता खोले जाने की बात कही गई।

इसके बाद ठगों ने दावा किया कि उस खाते में पाकिस्तान से कथित तौर पर 2.50 करोड़ रुपये आए हैं और इसमें से 25 लाख रुपये कमीशन के तौर पर मिले हैं। मामला कथित तौर पर टेरर फंडिंग से जुड़ा बताया गया।

वीडियो कॉल पर दिखाया पुलिस का डर

शिकायत के अनुसार, जालसाजों ने पीड़ित को बताया कि जांच एजेंसियां संदिग्ध लेनदेन की जांच कर रही हैं। उन्हें पुलवामा आतंकी हमले और एक आतंकी से जुड़े मामले का हवाला देकर डराया गया। कहा गया कि जांच में सहयोग नहीं करने पर उनके खिलाफ केस दर्ज हो सकता है और गिरफ्तारी भी हो सकती है।

ठगों ने वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति को दिखाया और खुद को महाराष्ट्र पुलिस का अधिकारी बताया। इसके बाद डीजीपी महाराष्ट्र और फिर सीबीआई डायरेक्टर से बात कराने का दावा किया गया। यहां तक कहा गया कि पीड़ित के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है।

बच्चों का भविष्य खराब करने की धमकी

लगातार वीडियो कॉल के जरिए पीड़ित पर मानसिक दबाव बनाया गया। शिकायत में आरोप है कि उन्हें धमकाया गया कि अगर उन्होंने इस मामले की जानकारी किसी को दी तो उनके बच्चों का भविष्य खराब हो जाएगा। डर के माहौल में उनसे जांच में सहयोग के नाम पर अपनी एफडी तुड़वाने को कहा गया।

पहले 9 लाख, फिर दो बार 5-5 लाख

पीड़ित के मुताबिक, ठगों के दबाव में उन्होंने करीब 9 लाख रुपये की एफडी तुड़वाकर बताए गए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद 5 लाख रुपये की एक और एफडी तुड़वाकर रकम दूसरे खाते में भेजी गई। फिर खाते से दोबारा 5 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए।

इस तरह कथित तौर पर करीब 19 लाख रुपये की ठगी हो गई। ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। लखनऊ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और वीडियो कॉल के जरिए इस्तेमाल किए गए माध्यमों की पड़ताल कर रही है।

Location :  Lucknow

Published :  13 September 2026, 8:21 PM IST

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