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संसद के निचले सदन लोकसभा में बुधवार को बदायूं के HPCL प्लांट हत्याकांड मामले की गूंज सुनाई दी। सांसद आदित्य यादव ने संसद में इस मामले में सदन में जोरशोर से उठाया। उन्होंने इस मामले की CBI जांच की मांग की।
लोकसभा में बोलते सपा सांसद आदित्य यादव (इमेज सोर्स – इंटरनेट)
Budaun: संसद के निचले सदन लोकसभा में बुधवार को HPCL प्लांट हत्याकांड मामले की गूंज सुनाई दी। दरअसल बदायूं के सांसद आदित्य यादव ने इस मामले को सदन में जोरशोर से उठाया।
जानकारी के अनुसार सांसद आदित्य यादव ने लोकसभा में जनपद बदायूं के मूसाझाग थाना क्षेत्र स्थित सैंजनी गांव के हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) प्लांट में दिनांक 12 मार्च 2026 को दिन-दहाड़े हुई दो अधिकारियों की निर्मम हत्या का मामला जोर-शोर से उठाया।
सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए सांसद ने बताया कि प्लांट परिसर के भीतर मुख्य प्रबंधक सुधीर गुप्ता एवं उप प्रबंधक हर्षित मिश्रा की हत्या कर दी गई, जो औद्योगिक परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता को उजागर करती है।
उन्होंने सदन को अवगत कराया कि मृतक अधिकारियों ने पूर्व में कई बार अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस एवं जिला प्रशासन को लिखित शिकायतें दी थीं, किंतु कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
सपा सांसद ने यह भी स्मरण कराया कि 4 फरवरी 2026 को इसी प्लांट पर पहले भी हमला हुआ था, बावजूद इसके न तो आरोपी की गिरफ्तारी हुई और न ही पीड़ित अधिकारियों को सुरक्षा प्रदान की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी को स्थानीय स्तर पर राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था, जिसके चलते पुलिस एवं प्रशासन ने समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए।
इस गंभीर प्रकरण को उठाते हुए सांसद आदित्य यादव ने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की, ताकि निष्पक्ष एवं पारदर्शी विवेचना सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक जवाबदेही एवं औद्योगिक सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।
1. दोषी अपराधियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए।
2. कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके विरुद्ध कार्रवाई हो।
3. आरोपियों को संरक्षण देने वाले प्रभावशाली व्यक्तियों को बेनकाब कर दंडित किया जाए।
4. मृतक अधिकारियों के शोक-संतप्त परिवारों को अविलंब सुरक्षा, समुचित मुआवजा एवं न्याय दिलाने हेतु ठोस कदम उठाए जाएँ।