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प्रतीकात्मक छवि (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: 8th Central Pay Commission को लेकर केंद्र सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। दिल्ली में आयोग की तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो चुकी है, जो 30 अप्रैल तक चलेगी। इस बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी संरचना, भत्तों और फिटमेंट फैक्टर जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से विचार किया जा रहा है।
बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी बढ़ाने को लेकर है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मौजूदा वेतन संरचना महंगाई के अनुरूप नहीं है, इसलिए इसमें बड़े बदलाव की जरूरत है। वर्तमान में न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, जिसे बढ़ाकर 69,000 रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है। यह मांग कर्मचारी यूनियनों की तरफ से आयोग के सामने प्रमुख रूप से रखी गई है।
बैठक का सबसे अहम बिंदु फिटमेंट फैक्टर माना जा रहा है। कर्मचारी संगठनों के संयुक्त मंच (NC-JCM) ने फिटमेंट फैक्टर को 3.833 करने की मांग रखी है। फिटमेंट फैक्टर वह गणना है जिसके आधार पर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी तय होती है। यदि इसे बढ़ाया जाता है, तो सीधे तौर पर वेतन में बड़ी बढ़ोतरी होगी। कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए फिटमेंट फैक्टर में संशोधन जरूरी है।
8वें वेतन आयोग की बैठक में लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन-भत्तों में बड़े बदलाव की उम्मीद
बैठक में महंगाई भत्ता (DA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को लेकर भी चर्चा हो रही है। कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि DA को बेसिक सैलरी में मर्ज किया जाए, ताकि वेतन संरचना अधिक पारदर्शी और संतुलित हो सके।
बैठक में एक और महत्वपूर्ण मुद्दा 5 यूनिट फैमिली को मानने का रखा गया है। वर्तमान में वेतन और भत्तों की गणना 3 यूनिट फैमिली के आधार पर की जाती है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि अब परिवार संरचना बदल चुकी है, इसलिए इसे 5 यूनिट के आधार पर अपडेट किया जाना चाहिए। अगर यह प्रस्ताव स्वीकार होता है, तो इससे भी कर्मचारियों की नेट सैलरी पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।
आयोग केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों और संगठनों से भी फीडबैक ले रहा है। इससे पहले Uttarakhand में भी बैठक आयोजित की गई थी। अब मई महीने में आयोग की टीम Pune और अन्य स्थानों पर जाकर विभिन्न संगठनों से सुझाव लेगी।
8th Central Pay Commission को 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है। इसी को देखते हुए आयोग ने काम की रफ्तार बढ़ा दी है। लगातार बैठकों और चर्चाओं के जरिए कर्मचारियों की मांगों को समझने की कोशिश की जा रही है, ताकि एक संतुलित वेतन संरचना तैयार की जा सके।
Location : New Delhi
Published : 29 April 2026, 6:06 PM IST