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विमान हादसे में पांच जवान शहीद (Img: Google)
Dispur: असम के जोरहाट स्थित रौरिया एयरफोर्स स्टेशन पर शनिवार को भारतीय वायुसेना का AN-32 परिवहन विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा एयरबेस परिसर के भीतर हुआ, जिससे तुरंत आग लग गई और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
इस भीषण हादसे में भारतीय वायुसेना के पांच कर्मियों की शहादत हो गई, जबकि सह-पायलट गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद जीवित बच गए और उनका इलाज जारी है।
भारतीय वायुसेना ने बयान जारी कर कहा कि यह क्षति अत्यंत दुखद है। शहीद हुए कर्मियों में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम शामिल हैं। IAF ने कहा कि सभी जवानों ने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया और वायुसेना शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है।
Assam Plane Crash: जोरहाट एयरबेस पर वायुसेना का विमान दुर्घटनाग्रस्त, जानें कैसे हुआ भीषण हादसा?
The Indian Air Force deeply regrets the loss of five personnel in the An-32 accident at Jorhat, Assam.
Sqn Ldr Prashant Singh, Flt Lt Shubham Kumar, Sgt Jitendra Sharma, Agniveervayu Khemaram Kumawat and Agniveervayu Danish Alam made the supreme sacrifice in the line of duty.… pic.twitter.com/9SmOjtS5mU
— Indian Air Force (@IAF_MCC) June 13, 2026
अधिकारियों के अनुसार, विमान अरुणाचल प्रदेश से जोरहाट वापस लौट रहा था। जैसे ही यह एयरबेस पर लैंडिंग कर रहा था, तभी अचानक तकनीकी या परिचालन कारणों से विमान नियंत्रण खो बैठा और क्रैश हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि विमान दो हिस्सों में टूट गया और तुरंत आग लग गई। धुएं का घना गुबार दूर तक दिखाई दिया, जिससे पूरे एयरबेस में हड़कंप मच गया।
हादसे के तुरंत बाद एयरफोर्स की फायरफाइटिंग और इमरजेंसी टीमें मौके पर पहुंचीं। सह-पायलट को गंभीर हालत में बाहर निकाला गया और अस्पताल भेजा गया। हालांकि बाकी पांच कर्मियों को बचाया नहीं जा सका। बचाव कार्य कई घंटों तक जारी रहा ताकि किसी अन्य संभावित खतरे को रोका जा सके।
भारतीय वायुसेना ने इस दुर्घटना की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी (Court of Inquiry) के आदेश दे दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि हादसा तकनीकी खराबी, मानवीय त्रुटि या मौसम संबंधी कारणों से हुआ। रौरिया एयरफोर्स स्टेशन पूर्वोत्तर भारत में भारतीय वायुसेना का एक महत्वपूर्ण बेस माना जाता है। यह क्षेत्र सैन्य लॉजिस्टिक्स और ऑपरेशनल सपोर्ट के लिए बेहद अहम भूमिका निभाता है।
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AN-32 विमान भारतीय वायुसेना का एक महत्वपूर्ण ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट रहा है, लेकिन इसका दुर्घटना इतिहास भी चिंताजनक रहा है।
2016 में बंगाल की खाड़ी के ऊपर लापता विमान में 29 लोगों की मौत हुई थी
2019 में अरुणाचल प्रदेश के मेचुका क्षेत्र में क्रैश में 13 जवान शहीद हुए थे
2025 में बागडोगरा में क्रैश लैंडिंग हुई थी, लेकिन सभी सुरक्षित रहे
इन घटनाओं में कुल 42 जवानों की जान जा चुकी है।
Location : Dispur
Published : 13 June 2026, 3:13 PM IST