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खाद्यान्न घोटाला (Img: Google)
Jaunpur: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में करीब दो दशक पुराने खाद्यान्न घोटाले में आखिरकार कानून का शिकंजा कस गया है। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन कोटेदारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोप है कि मजदूरों के लिए आवंटित सरकारी खाद्यान्न का वितरण करने के बजाय उसका गबन कर लिया गया था।
वर्ष 2004-05 में केंद्र और राज्य सरकार की 'संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना' के तहत मछलीशहर ब्लॉक के कई गांवों में विकास कार्य कराए गए थे। योजना के अंतर्गत नाली निर्माण, संपर्क मार्ग और मिट्टी भराई जैसे कार्यों में लगे मजदूरों को मजदूरी के एक हिस्से के रूप में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाना था।
लेकिन जांच में सामने आया कि जिम्मेदार अधिकारियों, कार्य प्रभारियों और कोटेदारों की मिलीभगत से मजदूरों तक अनाज पहुंचा ही नहीं। सरकारी रिकॉर्ड में वितरण दिखाया गया, जबकि वास्तविक लाभार्थियों को खाद्यान्न नहीं मिला।
मामले की जांच लंबे समय तक चलती रही। वर्ष 2019 में EOW वाराणसी इकाई ने इस मामले में मुकदमा दर्ज किया था। साक्ष्यों और दस्तावेजों की जांच के बाद शनिवार को टीम ने जौनपुर के विभिन्न इलाकों में दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में हमजापुर निवासी मोहम्मद अहमद, शाहगंज निवासी लालबहादुर मौर्य और मछलीशहर के जमालपुर निवासी गयादीन यादव शामिल हैं। जांच एजेंसी के अनुसार इनकी भूमिका करीब 6.29 लाख रुपये के खाद्यान्न गबन में सामने आई है।
गिरफ्तार आरोपियों को भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। EOW की इस कार्रवाई को वर्षों पुराने भ्रष्टाचार के मामलों में जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब जांच एजेंसी इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
Location : Jaunpur
Published : 14 June 2026, 12:01 PM IST
Topics : corruption case crime news EOW Action Jaunpur UP Police