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लश्कर कमांडर की संदिग्ध हालात में मौत(सोर्स-एक्स)
Islamabad: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। यहां स्थित एक मस्जिद के बाहर प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सीनियर कमांडर कारी सईद अब्दुल अजीज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान के भीतर छिपे खतरों और 'अज्ञात लोगों' के खौफ को उजागर कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, लश्कर कमांडर कारी सईद अब्दुल अजीज नमाज अदा करने के लिए कुबा मस्जिद जा रहा था। मस्जिद पहुंचने से कुछ समय पहले ही उसने एक अज्ञात रेस्टोरेंट में खाना खाया था। खाना खाने के कुछ ही घंटों बाद उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। जैसे ही वह मस्जिद के गेट के पास पहुंचा, वह अचानक जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हालांकि, शुरुआती तौर पर उसकी मौत की असल वजह अभी तक पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है।
मृतक कारी सईद अब्दुल अजीज संगठन के भीतर एक बेहद अहम जिम्मेदारी संभाल रहा था। वह लश्कर-ए-तैयबा के उस विशेष विभाग का प्रमुख (इंचार्ज) था, जो जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ों में मारे गए आतंकियों के परिवारों की देखरेख और उनकी आर्थिक मदद किया करता था। उसके इस तरह अचानक रहस्यमयी तरीके से मारे जाने से संगठन के भीतर हड़कंप मच गया है।
कारी सईद की यह संदिग्ध मौत ऐसे समय में हुई है, जब पाकिस्तान में लगातार 'अज्ञात लोगों' का खौफ बढ़ता जा रहा है। कुछ समय पहले ही लश्कर-ए-तैयबा के एक बड़े ऑपरेटिव रिजवान हनीफ का एक वीडियो सामने आया था। इस वीडियो में उसने सनसनीखेज दावा किया था कि पिछले तीन-चार सालों के दौरान पाकिस्तान के भीतर संगठन के लगभग 30 से ज्यादा सदस्य रहस्यमयी हमलों में मारे जा चुके हैं। रिजवान का यह भी कहना था कि 2008 के मुंबई हमलों (जिसमें 166 निर्दोष लोग मारे गए थे) की साजिश में शामिल कई चेहरे इन गुप्त हमलों का शिकार बन चुके हैं।
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यह पहला ऐसा मौका है जब लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े किसी आतंकवादी ने खुद सार्वजनिक तौर पर इस बात को स्वीकार किया है कि उनके कमांडर और ऑपरेटिव्स लगातार मारे जा रहे हैं। रिजवान हनीफ के मुताबिक, पेशावर, कराची, रावलपिंडी, रावालाकोट और मुजफ्फराबाद जैसे प्रमुख शहरों और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) के विभिन्न इलाकों में अज्ञात हमलावरों ने उनके 30 से अधिक आतंकवादियों को चुन-चुनकर मौत के घाट उतार दिया है। गौरतलब है कि अल-कायदा और तालिबान के साथ गहरे संबंधों के चलते संयुक्त राष्ट्र (UN) ने साल 2005 में ही लश्कर-ए-तैयबा को एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था।
Location : Islamabad
Published : 9 August 2026, 1:38 PM IST