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जम्मू कश्मीर में आर्मी के जवान (Image: Social Media)
Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क के खिलाफ जांच के बीच एक बड़ा कानूनी एक्शन सामने आया है। जम्मू की विशेष NIA अदालत ने पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर सैफुल्ला के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच में सैफुल्ला का नाम अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले समेत कई आतंकी वारदातों से जुड़े नेटवर्क में सामने आया है। NIA का आरोप है कि वह पाकिस्तान में बैठकर कश्मीर घाटी में सक्रिय आतंकियों को हथियार, पैसा और निर्देश मुहैया करा रहा था।
जांच एजेंसी के मुताबिक सैफुल्ला पाकिस्तान के कसूर जिले के चंगा मांगा गांव का रहने वाला है। वह साजिद जट्ट, अली भाई, हबीबुल्लाह मलिक, लंगड़ा, नूमी, नुमान, उस्मान हबीब और शानी जैसे नामों से भी पहचाना जाता है। अधिकारियों का कहना है कि वह लंबे समय से लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी नेटवर्क में सक्रिय रहा है।
NIA की जांच एक ऐसे नेटवर्क तक पहुंची, जिसके तार पाकिस्तान से संचालित लश्कर मॉड्यूल से जुड़े बताए गए हैं। एजेंसी के मुताबिक, मार्च में श्रीनगर के पंडाच इलाके में लश्कर से जुड़े एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद जांच आगे बढ़ी और नेटवर्क की परतें खुलती गईं। इसी जांच में पाकिस्तान स्थित हैंडलरों की भूमिका सामने आने का दावा किया गया है।
NIA ने अदालत में दलील दी कि सैफुल्ला पाकिस्तान से बैठकर कश्मीर में सक्रिय आतंकियों के संपर्क में था। एजेंसी के मुताबिक, वह आतंकियों को हथियार और धन उपलब्ध कराने के साथ सुरक्षा बलों, आम नागरिकों और सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए निर्देश देता था। जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए एक पाकिस्तानी आतंकी के पास से सैफुल्ला से जुड़ी टेलीग्राम पहचान मिलने की बात भी एजेंसी ने अदालत में कही।
NIA की दलीलों और दस्तावेजों पर विचार करने के बाद विशेष अदालत ने सैफुल्ला के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया। अदालत के सामने एजेंसी ने बताया कि आरोपी फरार है और सामान्य कानूनी प्रक्रिया के जरिए उसे पेश नहीं किया जा सका। वारंट को संबंधित पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाया गया है, ताकि कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे कार्रवाई की जा सके।
जांच एजेंसी के अनुसार, सैफुल्ला ने 2005 से 2007 के बीच कुलगाम जिले में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर के तौर पर काम किया था। इसके बाद उसके पाकिस्तान चले जाने और वहीं से आतंकी गतिविधियों को संचालित करने का आरोप है। अब NIA उसकी गिरफ्तारी के साथ-साथ उसके नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पहलगाम हमले की जांच में NIA पहले ही पाकिस्तान स्थित LeT/TRF और अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। दिसंबर 2025 में एजेंसी ने इस मामले में सात आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करने की जानकारी दी थी।
Location : Jammu Kashmir
Published : 17 September 2026, 2:47 PM IST