POK की वादियों में पक रही है खौफनाक खिचड़ी! पाकिस्तानी सेना के साए में अचानक क्यों तेज हुई आतंकियों की हलचल?

क्या LoC पर पाकिस्तान किसी बड़े हमले की तैयारी कर रहा है? जैश और लश्कर के आतंकियों को SSG कमांडो की ट्रेनिंग मिलने के इनपुट ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 11 September 2026, 9:53 AM IST
google-preferred

Srinagar: नियंत्रण रेखा यानी LoC पर एक बार फिर आतंकी गतिविधियां बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा सूत्रों से मिले इनपुट के मुताबिक, पाकिस्तान की सेना जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े करीब 50 से 60 कैडर को विशेष प्रशिक्षण दे रही है। हालांकि, इस इनपुट की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

SSG कमांडो के साथ ट्रेनिंग का दावा

सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना के स्पेशल सर्विसेज ग्रुप यानी SSG के साथ आतंकियों को विशेष सैन्य प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह प्रशिक्षण करीब तीन महीने से चल रहा है। इनपुट में पाकिस्तान के मनशेरा क्षेत्र में अस्थायी प्रशिक्षण शिविर बनाए जाने का भी दावा किया गया है।

शिविर में 80 लोगों की मौजूदगी का इनपुट

सुरक्षा एजेंसियों को मिले इनपुट के मुताबिक, कथित प्रशिक्षण शिविर में करीब 80 लोगों की मौजूदगी बताई जा रही है। इनमें 50 से 60 आतंकी और लगभग 20 SSG कमांडो शामिल होने का दावा किया गया है। एजेंसियां इस जानकारी की जांच कर रही हैं और संभावित गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।

उड़ी और केरन सेक्टर पर विशेष निगरानी

उड़ी और केरन सेक्टर के आसपास आतंकी गतिविधियों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर चिंता जताई गई है। आशंका है कि पाकिस्तानी सेना आतंकियों के साथ मिलकर LoC पर सीमित हमला या घुसपैठ की कोशिश कर सकती है। इसके अलावा राजौरी-पुंछ, गुरेज-टंगडार, उड़ी और केरन सेक्टर को भी संभावित घुसपैठ के लिहाज से संवेदनशील माना जा रहा है।

कानपुर में 2.20 करोड़ रुपये की GST धोखाधड़ी का आरोपी गिरफ्तार, बार-बार ऐसे बदल रहा था Location

BAT कार्रवाई का भी खतरा

सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट में पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम यानी BAT की संभावित कार्रवाई का भी जिक्र है। हालांकि, अभी तक किसी हमले की पुष्टि नहीं हुई है। एजेंसियों को आशंका है कि प्रशिक्षित आतंकियों की मदद से सीमा पर अचानक कार्रवाई कर तनाव बढ़ाने की कोशिश की जा सकती है।

पाकिस्तान में नए आतंकी नेटवर्क तैयार करने की कोशिश

सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के गुलाम हिस्से में पाकिस्तान विरोधी असंतोष का असर आतंकी संगठनों के पुराने नेटवर्क पर भी पड़ा है। इसी वजह से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI अब पंजाब और देश के अन्य हिस्सों से नए कैडर की भर्ती पर जोर दे रही है। बहावलपुर में जैश के पुराने ढांचे को फिर सक्रिय करने और पाकिस्तान के भीतर लश्कर के प्रशिक्षण नेटवर्क का विस्तार करने के भी इनपुट मिले हैं।

छोटे मॉड्यूल और ऑनलाइन नेटवर्क पर फोकस

बताया जा रहा है कि जैश और लश्कर अपने संगठनात्मक ढांचे में बदलाव कर रहे हैं। बड़े समूहों की जगह छोटे मॉड्यूल, सीमित संख्या में प्रशिक्षित कैडर और गुप्त संपर्क नेटवर्क पर जोर दिया जा रहा है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फर्जी अकाउंट के जरिए युवाओं को प्रभावित करने और निष्क्रिय समर्थकों को दोबारा सक्रिय करने की कोशिशों की भी जानकारी सामने आई है।

मस्कट से फ्लाइट उतरी और खुल गया आरोपी का राज, LOC के चलते एयरपोर्ट पर दबोचा गया आरोपी

गुलाम जम्मू-कश्मीर में संपर्क बढ़ाने का दावा

रिपोर्ट के अनुसार, मीरपुर, कोटली और पुंछ सहित गुलाम जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में लश्कर से जुड़े लोगों द्वारा स्थानीय संपर्क मजबूत किए जा रहे हैं। खैबर पख्तूनख्वा में नए प्रशिक्षण केंद्र की संभावित स्थापना को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इसका उद्देश्य पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों पर निर्भरता कम कर पाकिस्तान के भीतर ही भर्ती और प्रशिक्षण का नेटवर्क तैयार करना बताया जा रहा है।

आने वाले सप्ताह सुरक्षा के लिहाज से अहम

सुरक्षा एजेंसियां मान रही हैं कि LoC पर संभावित खतरा केवल पारंपरिक घुसपैठ तक सीमित नहीं है। प्रशिक्षित कैडर, SSG की कथित भूमिका, उड़ी-केरन में संभावित गतिविधियां और BAT कार्रवाई की आशंका को गंभीरता से लिया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यदि सीमित सैन्य या आतंकी कार्रवाई होती है तो उसका उद्देश्य सीमा पर तनाव बढ़ाने के साथ पाकिस्तान के भीतर चल रहे असंतोष से ध्यान हटाना भी हो सकता है। फिलहाल आने वाले सप्ताह LoC की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

Location :  Srinagar

Published :  11 September 2026, 9:53 AM IST

Related News

Advertisement