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LoC पर हमले का खतरा (Source: Pinterest)
Srinagar: नियंत्रण रेखा यानी LoC पर एक बार फिर आतंकी गतिविधियां बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा सूत्रों से मिले इनपुट के मुताबिक, पाकिस्तान की सेना जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े करीब 50 से 60 कैडर को विशेष प्रशिक्षण दे रही है। हालांकि, इस इनपुट की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना के स्पेशल सर्विसेज ग्रुप यानी SSG के साथ आतंकियों को विशेष सैन्य प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह प्रशिक्षण करीब तीन महीने से चल रहा है। इनपुट में पाकिस्तान के मनशेरा क्षेत्र में अस्थायी प्रशिक्षण शिविर बनाए जाने का भी दावा किया गया है।
सुरक्षा एजेंसियों को मिले इनपुट के मुताबिक, कथित प्रशिक्षण शिविर में करीब 80 लोगों की मौजूदगी बताई जा रही है। इनमें 50 से 60 आतंकी और लगभग 20 SSG कमांडो शामिल होने का दावा किया गया है। एजेंसियां इस जानकारी की जांच कर रही हैं और संभावित गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
उड़ी और केरन सेक्टर के आसपास आतंकी गतिविधियों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर चिंता जताई गई है। आशंका है कि पाकिस्तानी सेना आतंकियों के साथ मिलकर LoC पर सीमित हमला या घुसपैठ की कोशिश कर सकती है। इसके अलावा राजौरी-पुंछ, गुरेज-टंगडार, उड़ी और केरन सेक्टर को भी संभावित घुसपैठ के लिहाज से संवेदनशील माना जा रहा है।
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सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट में पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम यानी BAT की संभावित कार्रवाई का भी जिक्र है। हालांकि, अभी तक किसी हमले की पुष्टि नहीं हुई है। एजेंसियों को आशंका है कि प्रशिक्षित आतंकियों की मदद से सीमा पर अचानक कार्रवाई कर तनाव बढ़ाने की कोशिश की जा सकती है।
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के गुलाम हिस्से में पाकिस्तान विरोधी असंतोष का असर आतंकी संगठनों के पुराने नेटवर्क पर भी पड़ा है। इसी वजह से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI अब पंजाब और देश के अन्य हिस्सों से नए कैडर की भर्ती पर जोर दे रही है। बहावलपुर में जैश के पुराने ढांचे को फिर सक्रिय करने और पाकिस्तान के भीतर लश्कर के प्रशिक्षण नेटवर्क का विस्तार करने के भी इनपुट मिले हैं।
बताया जा रहा है कि जैश और लश्कर अपने संगठनात्मक ढांचे में बदलाव कर रहे हैं। बड़े समूहों की जगह छोटे मॉड्यूल, सीमित संख्या में प्रशिक्षित कैडर और गुप्त संपर्क नेटवर्क पर जोर दिया जा रहा है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फर्जी अकाउंट के जरिए युवाओं को प्रभावित करने और निष्क्रिय समर्थकों को दोबारा सक्रिय करने की कोशिशों की भी जानकारी सामने आई है।
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रिपोर्ट के अनुसार, मीरपुर, कोटली और पुंछ सहित गुलाम जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में लश्कर से जुड़े लोगों द्वारा स्थानीय संपर्क मजबूत किए जा रहे हैं। खैबर पख्तूनख्वा में नए प्रशिक्षण केंद्र की संभावित स्थापना को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इसका उद्देश्य पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों पर निर्भरता कम कर पाकिस्तान के भीतर ही भर्ती और प्रशिक्षण का नेटवर्क तैयार करना बताया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियां मान रही हैं कि LoC पर संभावित खतरा केवल पारंपरिक घुसपैठ तक सीमित नहीं है। प्रशिक्षित कैडर, SSG की कथित भूमिका, उड़ी-केरन में संभावित गतिविधियां और BAT कार्रवाई की आशंका को गंभीरता से लिया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यदि सीमित सैन्य या आतंकी कार्रवाई होती है तो उसका उद्देश्य सीमा पर तनाव बढ़ाने के साथ पाकिस्तान के भीतर चल रहे असंतोष से ध्यान हटाना भी हो सकता है। फिलहाल आने वाले सप्ताह LoC की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
Location : Srinagar
Published : 11 September 2026, 9:53 AM IST