ऑपरेशन सिंदूर के बाद फिर सक्रिय हो रहा आतंकी नेटवर्क? जम्मू-कश्मीर में बड़े हमले की साजिश का इनपुट

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद, सुरक्षा एजेंसियों को पाकिस्तान में मौजूद आतंकी नेटवर्क को फिर से सक्रिय करने की कोशिशों और नवंबर-दिसंबर के दौरान जम्मू-कश्मीर में किसी बड़े आतंकी हमले की संभावित योजनाओं के बारे में जानकारी मिली है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 29 August 2026, 10:24 AM IST
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Jammu: ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में मौजूद आतंकी नेटवर्क को दोबारा सक्रिय करने की कोशिशों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। खुफिया इनपुट के मुताबिक, नवंबर से दिसंबर के बीच जम्मू-कश्मीर में बड़े आतंकी हमले की साजिश रची जा सकती है।

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर में आतंकी संगठनों के कई ठिकानों को नुकसान पहुंचने के बाद अब पुराने नेटवर्क की जगह नए छोटे मॉड्यूल और नए ठिकानों के जरिए गतिविधियां शुरू करने की कोशिश की जा रही है।

जैश, लश्कर और हिजबुल के नेटवर्क को दोबारा खड़ा करने की कोशिश

खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े नेटवर्क को फिर से सक्रिय करने की कोशिश की जा रही है।

बताया जा रहा है कि आतंकी संगठन पुराने ठिकानों को दोबारा इस्तेमाल करने के बजाय नए स्थानों और छोटे-छोटे नेटवर्क के जरिए अपनी गतिविधियां बहाल करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

सुरक्षा एजेंसियों की नजर विशेष रूप से सीमा पार लॉन्च पैड, फंडिंग चैनल और घुसपैठ की संभावित कोशिशों पर है।

बहावलपुर से लेकर LoC तक बढ़ी हलचल पर नजर

इनपुट के मुताबिक, बहावलपुर में जैश से जुड़े ठिकानों पर दोबारा हलचल, आतंकी हैंडलरों तक फंडिंग पहुंचाने की कोशिश और नियंत्रण रेखा (LoC) के आसपास छोटे नेटवर्क की सक्रियता को पुनर्गठन के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

एजेंसियां मान रही हैं कि नवंबर-दिसंबर तक नेटवर्क को मजबूत कर जम्मू-कश्मीर में बड़ा हमला कर आतंकियों का मनोबल बढ़ाने की कोशिश हो सकती है।

तुर्किये-पाकिस्तान नजदीकी भी सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर

सुरक्षा एजेंसियां पाकिस्तान और तुर्किये के बीच बढ़ती रणनीतिक नजदीकी पर भी नजर बनाए हुए हैं। आशंका है कि इस सहयोग का इस्तेमाल आतंकी नेटवर्क को समर्थन देने और नए मॉड्यूल तैयार करने में किया जा सकता है।

सीरियाई लड़ाकों को कश्मीर भेजने की साजिश का भी इनपुट

रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2025 में सुरक्षा एजेंसियों को एक इनपुट मिला था जिसमें तुर्किये समर्थित सीरियाई लड़ाकों को पाकिस्तान के रास्ते जम्मू-कश्मीर भेजने की कथित साजिश का जिक्र था।

अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में तुर्किये की निजी सैन्य कंपनी और सीरियाई मिलिशिया कमांडरों के बीच विदेशी लड़ाकों की तैनाती को लेकर बातचीत का दावा किया गया था। इस इनपुट के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियां सीमा और आतंकी गतिविधियों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।

Location :  Jammu

Published :  29 August 2026, 10:24 AM IST

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