मिर्जापुर के सिरसी डैम पर सुरक्षा दावों की खुली पोल, फाटक खुलने के बावजूद डेंजर जोन में जान जोखिम में डाल रहे सैलानी

मिर्जापुर के सिरसी डैम का जलस्तर बढ़ने से चार फाटक खोले गए हैं, जिसके बाद तेज बहाव के बावजूद सैलानी रील्स और सेल्फी के लिए डेंजर जोन में उतर रहे हैं। मौके पर पुलिस बल और बैरिकेडिंग न होने से बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।

Updated : 11 September 2026, 9:29 AM IST
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Mirzapur: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित सिरसी डैम पर इन दिनों सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे नजर आ रही है। स्थानीय प्रशासन की ओर से भले ही यह तमाम दावे किए जाते हों कि खतरनाक और प्रतिबंधित क्षेत्रों में किसी भी सैलानी का प्रवेश वर्जित है, लेकिन धरातल की तस्वीर इन दावों की हकीकत बयां करने के लिए काफी है। बुधवार रात से लगातार बढ़ रहे जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए डैम के चार बड़े फाटक खोल दिए गए हैं। इसके बावजूद, जरा सी भी प्रशासनिक सख्ती न होने के कारण पर्यटक बेखौफ होकर अपनी जान हथेली पर रखकर घूम रहे हैं।

तीन दशक पुराने हादसे की अनदेखी

सुरक्षा के मोर्चे पर बरती जा रही यह लापरवाही कभी भी किसी बड़े और भीषण हादसे को न्योता दे सकती है। गौर करने वाली बात यह है कि ठीक तीन दशक पहले इसी निचले फॉल में पानी के तेज बहाव और चपेट में आने से चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। उस हृदयविदारक घटना से सबक लेते हुए प्रशासन ने नीचे जाने वाले सभी रास्तों पर स्थाई रूप से दीवार खड़ी कर दी थी, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। हालांकि, वर्तमान समय में सुरक्षा इंतजामों की सुस्ती के चलते लोग उन्हीं पत्थरों, टूटे रास्तों और सीढ़ियों के सहारे सीधे उस जानलेवा क्षेत्र में उतर रहे हैं।

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रील्स और सेल्फी का खतरनाक क्रेज

आज के दौर में सोशल मीडिया पर रिल्स बनाने और सेल्फी लेने का बुखार सैलानियों के सिर चढ़कर बोल रहा है, और सिरसी डैम पर भी यही नजारा देखने को मिल रहा है। डैम के चार फाटक खुलने की वजह से निचले इलाकों और फॉल में पानी का बहाव बेहद तेज, अनियंत्रित और जानलेवा हो चुका है। इसके बावजूद, युवा और अन्य पर्यटक जरा सी वाहवाही बटोरने के चक्कर में उफनते पानी के बिल्कुल करीब पहुंच रहे हैं। जानकारों का मानना है कि इन पत्थरों पर हल्की सी फिसलन या पैर का बहकना किसी भी व्यक्ति को मौत के मुंह में धकेलने के लिए काफी है।

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पुलिस पहरे और बैरिकेडिंग का अभाव

हैरानी की बात यह है कि इतनी संवेदनशील स्थिति होने के बावजूद मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नदारद हैं। न तो सैलानियों को रोकने के लिए वहां कोई पुलिसकर्मी तैनात किया गया है और न ही प्रशासन की ओर से कोई मजबूत बैरिकेडिंग या चेतावनी पट्टिका लगाई गई है। इस लापरवाही का पूरा फायदा उठाकर लोग बेरोक-टोक प्रतिबंधित जोन में प्रवेश कर रहे हैं। स्थानीय जागरूक नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने सिरसी डैम के इन खतरनाक पॉइंट्स पर सख्ती नहीं बरती और पुलिस बल की स्थाई ड्यूटी नहीं लगाई, तो यहां कभी भी कोई बहुत बड़ा हादसा घटित हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर जिम्मेदार विभागों की होगी।

Location :  Mirzapur

Published :  11 September 2026, 9:29 AM IST

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