मुजफ्फरनगर में सपा नेता की 5 दिन से नजरबंदी पर बवाल, जिया चौधरी पहुंचीं घर; पुलिस के खिलाफ लगाए नारे

मुजफ्फरनगर में सपा नेता डॉ. सत्येंद्र पाल की नजरबंदी को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। पांच दिनों से पुलिस निगरानी में रखे जाने के विरोध में समाजवादी पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। जिलाध्यक्ष जिया चौधरी समेत कई नेता उनके घर पहुंचे और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए जमकर विरोध जताया।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 11 September 2026, 7:06 AM IST
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Muzaffarnagar: समाजवादी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष (शिक्षक सभा) डॉ. सत्येंद्र पाल को पुलिस द्वारा पिछले पांच दिनों से नजरबंद किए जाने का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। डॉ. सत्येंद्र पाल की नजरबंदी की जानकारी मिलने के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई है।

पार्टी नेताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश बताते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने के संकेत दिए हैं। डॉ. सत्येंद्र पाल के शाहपुर स्थित आवास पर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जिया चौधरी समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता पहुंचे। नेताओं ने उनसे मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली और पुलिस कार्रवाई पर विरोध जताया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।

धम्म यात्रा की तैयारियों को लेकर गरमाया मामला

डॉ. सत्येंद्र पाल ने अपनी नजरबंदी को बुढ़ाना में प्रस्तावित दलित बोधिसत्व धम्म यात्रा की तैयारियों से जोड़ते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यात्रा की तैयारियों को लेकर सरकार घबराई हुई है और इसी वजह से उन्हें गैर लोकतांत्रिक तरीके से नजरबंद किया गया है।

जितना जुल्म कर लो, समाज की आवाज नहीं रुकेगी

नजरबंद डॉ. सत्येंद्र पाल ने कहा कि कार्यकर्ताओं और लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के लिए चाहे जितना जुल्म किया जाए, समाज की आवाज को रोका नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय, समानता और सम्मान के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहने का आह्वान किया और कहा कि किसी भी दबाव के आगे समाज के अधिकारों की लड़ाई को झुकाया नहीं जा सकता।

आवास पर पहुंचे जिया चौधरी

डॉ. सत्येंद्र पाल की नजरबंदी की सूचना मिलने के बाद सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ उनके आवास पर पहुंचे। जिया चौधरी ने डॉ. सत्येंद्र पाल से मुलाकात कर उनकी स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई।

सपा नेताओं का कहना था कि राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े लोगों को इस प्रकार नजरबंद करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। कार्यकर्ताओं ने सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया।

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जिया चौधरी बोलीं—सरकार तानाशाही पर उतारू

सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार कार्यकर्ताओं और लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के लिए तानाशाही पर उतारू है। उन्होंने कहा कि समाज की आवाज को किसी भी दबाव से नहीं रोका जा सकता। जिया चौधरी ने कहा कि सामाजिक न्याय, समानता और सम्मान की लड़ाई समाजवादी पार्टी मजबूती के साथ जारी रखेगी। उन्होंने डॉ. सत्येंद्र पाल की नजरबंदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाज सुननी चाहिए, न कि उन्हें रोकने के लिए पुलिस कार्रवाई का सहारा लेना चाहिए।

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जिले में राजनीतिक हलचल तेज

डॉ. सत्येंद्र पाल की लगातार पांच दिन से नजरबंदी के मामले ने जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में इस कार्रवाई को लेकर आक्रोश दिखाई दे रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर उच्च अधिकारियों के समक्ष आवाज उठाई जाएगी।

बुढ़ाना में प्रस्तावित धम्म यात्रा को लेकर पहले से ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। ऐसे में सपा के प्रदेश उपाध्यक्ष की नजरबंदी ने मामले को और राजनीतिक रंग दे दिया है। सपा नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक और सामाजिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर पार्टी पीछे नहीं हटेगी।

 

Location :  Muzaffarnagar

Published :  11 September 2026, 7:03 AM IST

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