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हाथियों के झुंड ने किया फसलों को किया बर्बाद (Img: Dynamite News)
Mirzapur: भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव में बुधवार की देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जंगल में डेरा जमाए हाथियों का जोड़ा अचानक बोजवा सीवान के धान के खेतों में पहुंच गया। रात के सन्नाटे में खेतों के बीच पहुंचे हाथी और हथिनी ने देखते ही देखते किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया।
करीब तीन बीघा धान की फसल रौंदने के साथ दोनों ने खेत के पास बने मड़हे और मचान को भी तहस-नहस कर दिया।
फसल की रखवाली के लिए खेत की ओर गए किसान बनारसी यादव और श्यामलाल यादव ने जब सामने हाथियों के जोड़े को देखा तो उनके होश उड़ गए। दोनों किसानों ने किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई। हाथियों के चले जाने के बाद जब खेत का मंजर सामने आया तो काफी नुकसान हो चुका था।
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किसान बनारसी यादव के मुताबिक, हाथियों ने देर रात खेत में पहुंचकर धान की फसल को चरने के साथ रौंद दिया। इसके चलते उनकी और दूसरे किसान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। हाथियों ने बनारसी यादव के मड़हे और श्यामलाल यादव के मचान को भी गिरा दिया। दोनों किसानों ने वन विभाग और तहसील प्रशासन से नुकसान का आकलन कर क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है।
इस घटना के बाद ग्रामीणों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि हाथियों की आवाजाही अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। वन दरोगा कुमार कार्तिकेय ने बताया कि गुरुवार को हाथियों का जोड़ा भैसोड़ बलाय पहाड़ से आगे बढ़कर पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के जंगलों में प्रवेश कर गया है।
वन विभाग के अनुसार हाथी रात के समय ज्यादा सक्रिय रहते हैं और दिन में ज्यादातर आराम करते हैं। ऐसे में उनके दोबारा गांव या आसपास के खेतों की ओर लौटने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वन विभाग की टीम हाथियों की लोकेशन पर लगातार नजर बनाए हुए है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
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बताया गया कि बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान से निकला हाथियों का यह जोड़ा 29 अगस्त की रात ड्रमंडगंज वनरेंज के बबुरा रघुनाथ सिंह जंगल में पहुंचा था। इसके बाद दोनों हाथियों ने अलग-अलग जंगलों में विचरण किया और चार सितंबर को प्रयागराज के जंगलों में प्रवेश कर गए। करीब तीन दिनों तक वहां घूमने के बाद हाथी फिर लहुरियादह जंगल होते हुए वापस लौट आए।
अब दोनों हाथियों के मध्य प्रदेश के जंगल में जाने के बावजूद वन विभाग पूरी तरह सतर्क है। ग्रामीणों को रात में खेतों की ओर अकेले न जाने और हाथियों की मौजूदगी की सूचना तत्काल वन विभाग को देने की अपील की गई है।
Location : Mirzapur
Published : 10 September 2026, 6:06 PM IST