Prayagraj SP Leader Murder: 5 लाख की सुपारी देकर कराई गई पवन यादव की हत्या, पुलिस ने किया खुलासा

पुलिस ने प्रयागराज में SP नेता पवन यादव की हत्या के मामले को सुलझा लिया है। अधिकारियों का कहना है कि आपसी रंजिश के कारण यह हत्या प्लान की गई थी; इसमें 5 लाख रुपये की कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, सर्विलांस वीडियो और डिजिटल पेमेंट के सबूत जैसे आरोप और साक्ष्य सामने आए हैं।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 17 September 2026, 2:47 PM IST
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Prayagraj: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के हंडिया में समाजवादी पार्टी (SP) के गंगापार जिला सचिव और पूर्व ग्राम प्रधान पवन कुमार यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या चुनावी रंजिश और पुरानी दुश्मनी के चलते सुपारी देकर कराई गई थी।

पुलिस ने इस मामले में ग्राम प्रधान पति विनोद यादव समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान पुलिस को रेकी, पैसों के लेन-देन और हत्या की साजिश से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं।

चुनावी रंजिश में हत्या की साजिश का दावा

डीसीपी गंगापार कुलदीप सिंह गुनावत ने प्रेसवार्ता में बताया कि हंडिया क्षेत्र के मुगरांव निवासी पवन यादव को मंगलवार को कस्बे में पिलर नंबर-52 के पास बाइक सवार हमलावरों ने गोली मार दी थी।

गंभीर रूप से घायल पवन यादव को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनके भाई अशोक यादव की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।

पुलिस के अनुसार, जांच में मुगरांव निवासी विनोद यादव और बगहा निवासी बृजेश यादव का नाम सामने आया, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया।

प्रधान पति पर साजिश रचने का आरोप

पुलिस का दावा है कि पूछताछ में विनोद यादव ने बताया कि पवन यादव से पंचायत चुनाव को लेकर विवाद चल रहा था।

आरोप है कि पवन यादव ने ग्राम प्रधान की पत्नी को ईसीसीई एजुकेटर पद पर संविदा नियुक्ति दिए जाने का विरोध किया था। बाद में आपत्ति के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया था।

पुलिस के अनुसार, इसी रंजिश के चलते पवन की हत्या की योजना बनाई गई।

पांच लाख रुपये की सुपारी और रेकी के वीडियो

पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की योजना करीब डेढ़ महीने पहले बनाई गई थी। पुलिस के मुताबिक, विनोद यादव ने हिस्ट्रीशीटर जितेंद्र यादव उर्फ लल्ला को पवन की हत्या के लिए पांच लाख रुपये की सुपारी देने की बात तय की थी।

पुलिस का कहना है कि विनोद ने शुरुआत में जितेंद्र को 25 हजार रुपये दिए थे, जिससे हथियार और कारतूस खरीदे गए।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी निहाल अहमद पवन यादव की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। पुलिस के अनुसार, निहाल ने रेकी के वीडियो बनाकर व्हाट्सएप के जरिए विनोद को भेजे थे।

UPI ट्रांजैक्शन से मिले अहम सुराग

डीसीपी के मुताबिक, जितेंद्र यादव फोन का इस्तेमाल नहीं करता था। इसलिए पैसों के लेन-देन के लिए निहाल की यूपीआई आईडी का इस्तेमाल किया गया।

पुलिस ने दावा किया कि निहाल के मोबाइल से लेन-देन के स्क्रीनशॉट और पवन यादव से जुड़े कई वीडियो मिले हैं।

मुठभेड़ में दो आरोपी घायल

पुलिस के अनुसार, विनोद और बृजेश की निशानदेही पर टीम अन्य आरोपियों की तलाश में पहुंची थी। इसी दौरान बाइक सवार दो संदिग्धों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।

जवाबी कार्रवाई में जितेंद्र यादव उर्फ लल्ला और निहाल अहमद के पैर में गोली लगी। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने उनके पास से तमंचे, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद करने का दावा किया है।

जितेंद्र यादव पर दर्ज हैं 44 मुकदमे

पुलिस के अनुसार, जितेंद्र यादव उर्फ लल्ला का लंबा आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ कई जिलों के थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत 44 मुकदमे दर्ज हैं।

फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

Location :  Prayagaraj

Published :  17 September 2026, 2:47 PM IST

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