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इटली के स्कूलों में बुर्का-नकाब बैन (Img- Pinterest)
Rome: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की कैबिनेट ने देश के शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। नए आदेश के तहत इटली के सभी स्कूलों में बुर्का और नकाब पहनने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है।
हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि यह प्रतिबंध केवल उन परिधानों पर लागू होगा जिससे चेहरा ढका रहता है, इसलिए हिजाब पर कोई रोक नहीं होगी। इस आदेश को लैंगिक समानता और सामाजिक एकीकरण (इंटीग्रेशन) को बढ़ावा देने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है।
कैबिनेट ने भाषा को लेकर भी एक अहम फैसला लिया है। अब हर क्लास में उन छात्रों की संख्या 30 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी जिनकी इटैलियन भाषा पर पकड़ कमजोर है। शिक्षा मंत्री ग्यूसेप वाल्डिटारा ने स्पष्ट किया कि यह फैसला नागरिकता के आधार पर नहीं, बल्कि केवल भाषा सुधार के उद्देश्य से लिया गया है।
यदि किसी बच्चे को स्कूल में घुलने-मिलने में दिक्कत आती है, तो सोशल सर्विस की मदद ली जाएगी। इसके अलावा, माता-पिता को मुफ्त इटैलियन भाषा क्लास में शामिल होना अनिवार्य होगा, ऐसा न करने पर 1000 यूरो का जुर्माना लगाया जाएगा।
प्रधानमंत्री मेलोनी ने इस निर्णय की जानकारी साझा करते हुए इसे बेहद समझदारी भरा कदम बताया। उन्होंने कहा कि नए उपाय समाज में बिखराव पैदा करने के बजाय विदेशी पृष्ठभूमि के छात्रों को मुख्यधारा में शामिल करने में मदद करेंगे। सरकार का मानना है कि भाषा पर अच्छी पकड़ और चेहरा न ढकने से छात्रों के बीच संवाद बेहतर होगा और एक-दूसरे को समझने में आसानी होगी।
इस डिक्री लॉ को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है, हालांकि 60 दिनों के भीतर इसे इटैलियन संसद से पास कराना अनिवार्य होगा। वहीं दूसरी ओर, इटली की विपक्षी पार्टियों ने इस फैसले को लेकर मेलोनी सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष का आरोप है कि अगले साल होने वाले आम चुनावों से पहले सरकार अपनी दक्षिणपंथी छवि को चमकाने और वोटों के ध्रुवीकरण के लिए इस तरह के कड़े नियम लागू कर रही है।
Location : Rome
Published : 25 September 2026, 10:49 AM IST