UN में बुरी तरह घिरे शहबाज शरीफ, हाफिज सईद पर सवाल पूछने पर साधी चुप्पी

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को उस वक्त भारी फजीहत झेलनी पड़ी, जब पत्रकारों ने लश्कर सरगना हाफिज सईद और आतंकवाद पर तीखे सवाल पूछे।

Updated : 25 September 2026, 12:55 PM IST
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New Delhi: अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के दोहरे चरित्र और आतंकवाद को लेकर उसकी पोल एक बार फिर खुल गई है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) सत्र में हिस्सा लेने पहुंचे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को उस वक्त भारी फजीहत का सामना करना पड़ा, जब पत्रकारों ने उनसे सीधे तौर पर आतंकवाद और मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को लेकर तीखे सवाल पूछ लिए। इन चुभते सवालों का जवाब देने की बजाय पाकिस्तानी पीएम खामोश रहना ही बेहतर समझा।

पत्रकारों के दो टूक सवाल, प्रधानमंत्री की चुप्पी

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एंट्री और एग्जिट के दौरान मीडिया ने शहबाज शरीफ को घेर लिया। पत्रकारों ने पहला सीधा सवाल दागा कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना आखिरकार कब बंद करेगा? इस पर वह बिना कुछ बोले निकल गए। इसके बाद जब उनसे अगला सवाल किया गया कि "आप लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफ़िज सईद पर मुकदमा कब चलाएंगे?", तो इस बार भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के मुंह से एक शब्द नहीं निकला और वे चुपचाप आगे बढ़ गए।

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कौन है हाफिज सईद और क्यों मचा है हड़कंप?

हाफिज मुहम्मद सईद वही शख्स है जो प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का संस्थापक है और पाकिस्तान के सरगोधा का रहने वाला है। भारत लंबे समय से उस पर शिकंजा कसने की मांग कर रहा है। वह 26/11 के मुंबई हमलों के अलावा 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले की साजिश में भी मुख्य आरोपी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की चार्जशीट में भी उसका नाम साफ तौर पर शामिल है।

भारत ने UN में खोली पाकिस्तान की पोल

शहबाज शरीफ के साथ हुई इस असहज स्थिति से ठीक एक दिन पहले भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को जमकर धोया था। भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने UN मानवाधिकार परिषद में दो टूक कहा कि पाकिस्तान अपनी कंगाल होती अर्थव्यवस्था और गंभीर घरेलू समस्याओं से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए आतंकवाद का सहारा ले रहा है। भारत ने दोटूक कहा कि दूसरों की जमीन पर नजर गड़ाने के बजाय पाकिस्तान को अपने मुल्क के विकास पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि इन ड्रामों से उसके सिर पर चढ़े विदेशी कर्ज उतरने वाले नहीं हैं।

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PoK में मानवाधिकारों का काला सच बेनकाब

भारतीय पक्ष ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मानवाधिकारों की दयनीय स्थिति का भी पर्दाफाश किया। भारत ने बताया कि वहां जून के बाद से कई मासूम नागरिक मारे जा चुके हैं, रावलपिंडी और इस्लामाबाद में छात्रों को बेरहमी से गिरफ्तार किया जा रहा है और आम जनता के लिए भोजन व दवाइयों तक की सप्लाई रोक दी गई है। एक तरफ दुनिया भर में पाकिस्तान के आतंकवाद से जुड़े काले कारनामे उजागर हो रहे हैं, तो दूसरी तरफ यूएन पहुंचे शहबाज शरीफ का इन मुद्दों पर मुंह न खोलना यह साबित करने के लिए काफी है कि आतंकवाद पर उनका दामन कितना दागदार है।

Location :  New Delhi

Published :  25 September 2026, 12:55 PM IST

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