हिंदी
विदेश मंत्री एस जयशंकर (सोर्स- एक्स)
New Delhi: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र (UN) के स्थापना दिवस पर आयोजित एक खास सम्मेलन में दुनिया के सामने बेबाक अंदाज में कई बड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने आतंकवाद और ग्लोबल मुद्दों पर दो टूक कहते हुए यूएन को अपनी जिम्मेदारी निभाने की नसीहत दी है।
विदेश मंत्री ने आतंकवाद को दुनिया की सबसे बड़ी चुनौती बताया है। उन्होंने उन देशों पर करारा हमला बोला जो आतंकवाद को अपनी कूटनीति का हिस्सा बनाते हैं। जयशंकर ने साफ किया कि आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों पर अब शिकंजा कसना बेहद जरूरी है। आतंकवाद का कोई भी रूप हो, उसे किसी भी कीमत पर सही नहीं ठहराया जा सकता और न ही इसके समर्थन में कोई बहाना स्वीकार किया जाना चाहिए।
JNU में फिर दीवारों पर लिखे नारों से विवाद! ‘FREE UMAR KHALID’ और ‘LONG LIVE NAXALBARI’ पर बवाल
जयशंकर ने तंज कसते हुए कहा कि आज भी कुछ देश आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एकजुट होने के बजाय अपने राजनीतिक फायदों और स्वार्थों को आगे रख रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने विकासशील देशों की मुश्किलों का जिक्र करते हुए '4F संकट' (फाइनेंस, फ्यूल, फूड और फर्टिलाइजर) का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इन गंभीर समस्याओं के समाधान में विकसित देशों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी, क्योंकि बाजार के गलत और संकीर्ण तरीके आम जनता की परेशानियां बढ़ा रहे हैं।
आतंकवाद पर एस. जयशंकर का यूएन को कड़ा संदेश (सोर्स- एक्स)
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर तारीख पर तारीख, अमेरिका दिखा रहा हरी झंडी, पर भारत क्यों बरत रहा एहतियात?
अपने संबोधन में विदेश मंत्री ने वैश्विक संस्थाओं में तत्काल बदलाव की मांग की। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया के बड़े हिस्सों को फैसले लेने की प्रक्रिया से दूर नहीं रखा जा सकता, इसलिए 'सुधारित बहुपक्षवाद' समय की मांग है। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बात करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि तकनीक की ताकत को मुट्ठी भर लोगों के हाथों में नहीं छोड़ा जा सकता। भारत एक ऐसे मानव-केंद्रित और समावेशी एआई का समर्थन करता है जो पूरी मानवता के कल्याण के लिए काम आए।
Location : New Delhi
Published : 25 October 2026, 3:54 PM IST