700 लोगों ने किया रेप! ग्रूमिंग गैंग्स पर बड़ा खुलासा,पीड़ितों के दावों ने फिर खड़ा किया बड़ा सवाल

ब्रिटेन में लंबे समय से विवादों में रहे संगठित बाल यौन शोषण (ग्रूमिंग गैंग्स) के मुद्दे ने एक बार फिर राष्ट्रीय बहस को तेज कर दिया है। सांसद रूपर्ट लो के संसद में दिए गए हालिया भाषण ने इस संवेदनशील मामले को दोबारा सुर्खियों में ला दिया।

Updated : 2 June 2026, 9:58 PM IST
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New Delhi: ब्रिटेन में लंबे समय से विवादों में रहे संगठित बाल यौन शोषण (ग्रूमिंग गैंग्स) के मुद्दे ने एक बार फिर राष्ट्रीय बहस को तेज कर दिया है। सांसद रूपर्ट लो के संसद में दिए गए हालिया भाषण ने इस संवेदनशील मामले को दोबारा सुर्खियों में ला दिया। संसद में बोलते हुए लो ने पीड़ितों की गवाहियों का हवाला दिया और सरकार से तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की।

महिलाओं के दर्दनाक अनुभव 

लो ने दावा किया कि उनकी स्वतंत्र जांच के दौरान कई पीड़ित महिलाओं ने अपने दर्दनाक अनुभव साझा किए। संसद में उन्होंने कहा कि इन पीड़ितों की आवाज सुनी जानी चाहिए और वर्षों से लंबित जवाबदेही तय की जानी चाहिए। पीड़ितों के बयानों में कम उम्र में कथित यौन शोषण, धमकी, हिंसा और संस्थागत विफलताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं।

कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद उन्हें पर्याप्त सुरक्षा या न्याय नहीं मिला। कई गवाहियों में डर, सामाजिक दबाव और अधिकारियों की कथित निष्क्रियता का भी जिक्र किया गया। रूपर्ट लो ने अपनी जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि देश के कई क्षेत्रों में गिरोह आधारित बाल यौन शोषण के मामले सामने आए हैं।  वहीं एक 13 वर्षीय पीड़िता ने बताया कि तीन साल के दौरान करीब 600-700 अलग-अलग पुरुषों ने उसके साथ बलात्कार किया।

बड़ी संख्या में बच्चों के यौन शोषण

रिपोर्ट में पुलिस, स्थानीय प्रशासन और सार्वजनिक संस्थानों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दशकों तक कई मामलों में समय पर हस्तक्षेप नहीं किया गया। ब्रिटेन में यह मुद्दा पहली बार व्यापक स्तर पर तब चर्चा में आया था, जब यॉर्कशायर के रोदरहम शहर में बड़ी संख्या में बच्चों के यौन शोषण के मामले सामने आए। बाद की जांच रिपोर्टों में प्रशासनिक और संस्थागत चूक की ओर इशारा किया गया था। इसके बाद रोशडेल, ऑक्सफोर्ड, टेलफोर्ड समेत कई अन्य शहरों में भी समान पैटर्न वाले मामलों की जांच हुई।

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हाल के वर्षों में ब्रिटिश सरकार ने इस तरह के अपराधों पर कार्रवाई तेज करने के लिए विशेष टास्कफोर्स गठित की है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के हजारों मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि गिरोह आधारित अपराधों को लेकर भी जांच और गिरफ्तारियां जारी हैं।

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रूपर्ट लो के बयान के बाद ब्रिटेन में एक बार फिर यह बहस तेज हो गई है कि ऐसे मामलों में जवाबदेही कैसे तय हो, पीड़ितों को न्याय कैसे मिले और संस्थागत विफलताओं को रोकने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाएं।

Location :  New Delhi

Published :  2 June 2026, 9:58 PM IST

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