बायोमेट्रिक में फंस गया ‘सीक्रेट प्लान’! यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में भाई बनकर पहुंचा युवक, खुलासे के बाद मचा हड़कंप

यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान एक ऐसा खुलासा हुआ जिसने सुरक्षा व्यवस्था की सख्ती और फर्जीवाड़े के नए तरीकों दोनों को चर्चा में ला दिया। एक अभ्यर्थी की छोटी सी गलती ने पूरा राज खोल दिया और अब जांच कई नए सवालों की तरफ बढ़ रही है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 10 June 2026, 6:46 PM IST
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Varanasi: उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन एक ऐसा मामला सामने आया जिसने परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी। पुलिस भर्ती परीक्षा में अपने चचेरे भाई की जगह बैठकर परीक्षा देने पहुंचे एक युवक को बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान पकड़ लिया गया। जैसे ही उसकी पहचान का सच सामने आया, परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

बायोमेट्रिक जांच में खुली फर्जीवाड़े की परत

राजातालाब क्षेत्र स्थित परीक्षा केंद्र पर पहली पाली की परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों के दस्तावेज और बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान एक अभ्यर्थी की पहचान को लेकर केंद्र प्रशासन को संदेह हुआ। अधिकारियों ने संबंधित युवक को रोककर उससे पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में उसकी जानकारी दस्तावेजों से मेल नहीं खा रही थी। जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो पूरा मामला सामने आ गया।

आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने चचेरे भाई की जगह परीक्षा देने आया था। इसके बाद केंद्र प्रशासन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

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चचेरे भाई के नाम पर दे रहा था परीक्षा

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवक की पहचान राजकुमार शाह के रूप में हुई है, जो बलिया जिले के बांसडीह थाना क्षेत्र के महाराजपुर चांदपुर गांव का निवासी है। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने चचेरे भाई दीपक कुमार के स्थान पर परीक्षा देने आया था। परीक्षा केंद्र पर मौजूद अधिकारियों ने आवश्यक दस्तावेज एकत्र करने के बाद आरोपी को राजातालाब पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद उसे थाने ले जाकर विस्तृत पूछताछ शुरू की गई।

सॉल्वर गैंग से कनेक्शन की भी जांच

मामले के सामने आने के बाद पुलिस अब केवल प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन) के एंगल से ही नहीं, बल्कि किसी संगठित सॉल्वर गैंग की संभावित भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच अधिकारियों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जी अभ्यर्थियों के जरिए प्रवेश पाने की कोशिशें अक्सर संगठित गिरोहों के माध्यम से की जाती हैं। ऐसे में यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने यह कदम व्यक्तिगत स्तर पर उठाया था या इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका है।

पुलिस मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

आरोपी के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर

एडीसीपी गोमती जोन नृपेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। साथ ही जिस अभ्यर्थी की जगह वह परीक्षा देने पहुंचा था, उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। अगर किसी गिरोह या अन्य सहयोगियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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परीक्षा केंद्रों पर दिखी अभ्यर्थियों की भारी भीड़

दूसरी ओर, यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे। गोरखपुर, गाजीपुर, मऊ, देवरिया समेत बिहार के कई क्षेत्रों से भी अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। दो पालियों में आयोजित परीक्षा के लिए कुल 44,064 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 31,702 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 12,362 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।

पहली पाली में 22,032 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 15,987 परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 6,445 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। वहीं दूसरी पाली में 15,715 अभ्यर्थी उपस्थित रहे और 6,317 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।

Location :  Varanasi

Published :  10 June 2026, 6:44 PM IST

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