सिर्फ एक गलती पड़ सकती है भारी! बाढ़, वज्रपात और सर्पदंश को लेकर ADM ने दी अहम चेतावनी, ग्रामीणों से की खास अपील

महराजगंज में आयोजित बाढ़ सुरक्षा जागरूकता चौपाल में अपर जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को बाढ़, नाव दुर्घटना, सर्पदंश और आकाशीय बिजली से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि समय पर सतर्कता और प्रशासन के साथ समन्वय ही आपदा के दौरान जन-धन की हानि को कम कर सकता है।

Maharajganj: महराजगंज जनपद में संभावित बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं को लेकर प्रशासन ने जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में आयोजित बाढ़ सुरक्षा जागरूकता चौपाल को संबोधित करते हुए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) प्रशांत कुमार  ग्रामीणों से आपदा के समय सतर्क रहने, प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जन-जागरूकता और समय पर की गई तैयारी ही जन-धन की हानि को न्यूनतम कर सकती है।

लोगों को दी गई जरूरी सलाह

अपर जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ की आशंका होने पर लोग अपने जरूरी दस्तावेज, दवाइयां, सूखा खाद्यान्न और आवश्यक सामान पहले से सुरक्षित स्थान पर रख लें। समय रहते चिन्हित बाढ़ शरणालयों या सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाएं तथा बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचने की भी सलाह दी।

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नाव दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर उन्होंने कहा कि नाव का संचालन केवल अधिकृत और प्रशिक्षित नाविक द्वारा ही किया जाए। नाव में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को न बैठाया जाए और सभी यात्री यथासंभव लाइफ जैकेट पहनें। खराब मौसम, तेज धारा और रात्रि के समय नाव से यात्रा करने से बचने की सलाह भी दी गई।

घर के आसपास सफाई रखने की अपील

वर्षा ऋतु में सर्पदंश की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए अपर जिलाधिकारी ने लोगों से घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, झाड़ियों और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने और रात के समय टॉर्च का प्रयोग करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय पीड़ित को तत्काल निकटतम सरकारी चिकित्सालय पहुंचाना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।

आकाशीय बिजली (वज्रपात) से बचाव के संबंध में उन्होंने ग्रामीणों को सलाह दी कि गर्जन और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों, विद्युत पोलों और जलाशयों के पास न जाएं। यदि खेतों में कार्य कर रहे हों तो तुरंत किसी सुरक्षित भवन में शरण लें और मौसम सामान्य होने तक खुले स्थान पर कार्य न करें।

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अपने संबोधन के अंत में अपर जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक भागीदारी का विषय है। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने, अपने परिवार और आसपास के लोगों को आपदा सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करने और किसी भी आपात स्थिति की तत्काल सूचना देकर राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग करने की अपील की।

Location :  Maharajganj

Published :  25 July 2026, 7:21 PM IST

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