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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का खौफनाक जाल (Img- Pinterest)
Mumbai: साइबर अपराधियों ने अब लोगों को ठगने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक तकनीक का खतरनाक इस्तेमाल शुरू कर दिया है। ताजा मामला पुणे से सामने आया है, जहाँ एक निजी अस्पताल में काम करने वाली 38 वर्षीय नर्स ठगों की नई साजिश का शिकार बन गईं।
अपराधियों ने दिवंगत उद्योगपति रतन टाटा का एक बेहद वास्तविक दिखने वाला 'डीपफेक' (फर्जी) वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिसमें भारत के विकास के नाम पर एक खास स्कीम में निवेश करने की अपील की गई थी। रतन टाटा के प्रति जनता के अटूट सम्मान का फायदा उठाकर ठगों ने महिला को अपने जाल में फंसा लिया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने जब वीडियो में दिख रहे लिंक पर क्लिक करके अपनी निजी जानकारी सबमिट की, तो उनसे एक खास ऐप डाउनलोड कराया गया। इसके बाद मनुमोहन नाम के व्यक्ति ने खुद को एक्सपर्ट बताते हुए 'वर्ल्ड ट्रेडेक्स' नाम की कंपनी में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया। पीड़िता ने झांसे में आकर 9 अक्टूबर 2024 से 13 जून 2025 के बीच 11 अलग-अलग ऑनलाइन किश्तों के जरिए ठगों के बताए खातों में कुल 4,09,100 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
पीड़िता को एक ऑनलाइन पोर्टल का लिंक दिया गया था, जिस पर उनके पैसे और उस पर मिला भारी मुनाफा दिख रहा था। लेकिन जब उन्होंने अपनी रकम निकालने की कोशिश की, तो उनसे और पैसे जमा कराने की मांग की गई। अतिरिक्त पैसे मांगे जाने पर जब नर्स को शक हुआ और उन्होंने पड़ताल की, तब उन्हें खुद के साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ।
ठगी की पुष्टि होने के बाद पुणे शहर के भारती विद्यापीठ पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के डीपफेक वीडियो के जरिए भी लोगों से ठगी की कोशिश की गई थी, जिसके बाद पुलिस लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रही है।
Location : Mumbai
Published : 10 August 2026, 9:45 AM IST
Topics : crime news cyber crime Deepfake Scam Mumbai News