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देवरिया कोर्ट
Deoria: देवरिया में करीब 13 साल पुराने गैर-इरादतन हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दो अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। जनपदीय पुलिस की प्रभावी पैरवी और "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान के तहत न्यायालय ने दोनों आरोपियों को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास और आर्थिक दंड की सजा सुनाई है। अदालत के इस फैसले को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
मामले की सुनवाई देवरिया स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रही थी। "ऑपरेशन कन्विक्शन" के तहत पुलिस और अभियोजन पक्ष द्वारा मजबूत पैरवी किए जाने के बाद न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया। यह मामला थाना कोतवाली क्षेत्र में वर्ष 2013 में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 1130/2013 से संबंधित था, जिसमें गैर-इरादतन हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में अभियोग दर्ज किया गया था।
न्यायालय ने मामले में दोषी पाए गए अभियुक्त धर्मेन्द्र कुमार गौंड़ और नथुनी कुमार गौंड़ को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दोनों अभियुक्त थाना कोतवाली क्षेत्र के सिंगही गांव के निवासी हैं और झम्मन गौंड़ के पुत्र बताए गए हैं। अदालत ने कारावास के साथ-साथ दोनों दोषियों पर 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना न अदा करने की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त दंड का भी सामना करना पड़ सकता है।
पुलिस के अनुसार मामला भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 304, 34, 323, 504 और 506 के तहत दर्ज किया गया था। इन धाराओं में गैर-इरादतन हत्या, मारपीट, गाली-गलौज, आपराधिक धमकी और सामूहिक आपराधिक कृत्य जैसे आरोप शामिल थे। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ अपना पक्ष मजबूती से रखा, जिसे न्यायालय ने स्वीकार किया।
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उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान का उद्देश्य गंभीर मामलों में प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को सजा दिलाना है। इसी अभियान के तहत देवरिया पुलिस ने इस मामले में लगातार निगरानी रखी और अभियोजन पक्ष के साथ समन्वय बनाकर अदालत में मजबूत पैरवी सुनिश्चित की। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के मामलों में दोषियों को सजा मिलने से आम जनता का न्याय व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होता है।
Location : Deoria
Published : 30 May 2026, 4:56 PM IST