‘अखबार की रिपोर्ट 100% सही नहीं हो सकती’, CEC ज्ञानेश कुमार मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल सस्पेंड करने से किया इनकार

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल निलंबन का अंतरिम आदेश देने से इनकार किया। अदालत ने चुनाव आयोग से जवाब मांगने और फैसलों की प्रक्रिया की जांच करने की बात कही है।

Post Published By: Ramdev Gupta
Updated : 5 October 2026, 1:57 PM IST
google-preferred

New Delhi: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने फिलहाल ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने या उनके चुनाव संबंधी फैसलों पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश जारी करने से इनकार कर दिया।

याचिकाकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और उसके फैसलों को लेकर सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया गया है कि आयोग से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण फैसले कथित तौर पर कानून के अनुरूप और सामूहिक प्रक्रिया के तहत नहीं लिए गए।

‘अखबार की रिपोर्ट के आधार पर आदेश नहीं दे सकते’

सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्य कांत ने कहा कि अदालत केवल अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर कोई आदेश पारित नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि किसी रिपोर्ट के 100 प्रतिशत सही होने, आंशिक रूप से सही होने या पूरी तरह गलत होने की संभावना हो सकती है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि उसे यह जानने के लिए प्रमाणित और पुख्ता जानकारी चाहिए कि चुनाव आयोग के संबंधित फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे या बहुमत के आधार पर।

ये भी पढ़ें: Mathura News: संत प्रेमानंद की जान को खतरा या कोई साजिश? आश्रम विवाद पर आमने-सामने आए पक्ष और संत

चुनाव आयोग से मांगा जाएगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि इस मामले में चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया जाएगा और उसका जवाब मांगा जाएगा। अदालत चुनाव आयोग के संबंधित फैसलों और उनकी प्रक्रिया का परीक्षण करेगी।

सीजेआई ने कहा कि अदालत को पहले आधिकारिक और प्रमाणित जानकारी हासिल करनी होगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अदालत बिना पर्याप्त सामग्री के इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकती कि चुनाव आयोग के सभी फैसले एकतरफा तरीके से लिए गए।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि जांच में यह सामने आता है कि संबंधित फैसले न तो सर्वसम्मति से लिए गए और न ही निर्धारित बहुमत के आधार पर, तो अदालत उचित कदम उठा सकती है और ऐसे फैसलों पर रोक लगाने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, अदालत ने फिलहाल ऐसा कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया है। सीजेआई ने संकेत दिया कि मामले में आगे बढ़ने से पहले प्रमाणित जानकारी और संबंधित पक्षों का जवाब जरूरी है।

ये भी पढ़ें: Punjab CMO Corruption Case: भगवंत मान के CMO पर लगे गंभीर आरोप, HC ने CBI को सौंपी जांच

CEC को सस्पेंड करने से फिलहाल इनकार

याचिकाकर्ताओं की ओर से CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अंतरिम राहत की मांग की गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल उन्हें निलंबित करने से इनकार कर दिया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष नहीं निकालेगी। पहले चुनाव आयोग का पक्ष और संबंधित रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही मामले पर आगे विचार किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को अभियोजन से मिली कानूनी छूट की वैधता की जांच करने पर भी सहमति जताई है। इसके साथ ही अदालत उन आरोपों पर भी विचार करेगी, जिनमें CEC द्वारा चुनाव संचालन से जुड़े फैसले कथित तौर पर एकतरफा तरीके से लेने का दावा किया गया है।

सुनवाई का निचोड़: 5 बड़ी बातें

- चुनाव आयोग को मामले में नोटिस जारी किया जाएगा।
- केवल न्यूज रिपोर्ट के आधार पर कोई आदेश नहीं दिया जाएगा।
- चुनाव आयोग के संबंधित फैसलों और उनकी प्रक्रिया का परीक्षण होगा।
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे पुख्ता और प्रमाणित जानकारी चाहिए।
- फिलहाल CEC ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड करने का अंतरिम आदेश जारी नहीं किया गया है।

ये भी पढ़ें: UP Rajya Sabha Elections: कम विधायक होने पर भी तीसरा प्रत्याशी उतारेगी सपा, अखिलेश यादव 6 अक्टूबर को खोलेंगे पत्ते

Location :  New Delhi

Published :  5 October 2026, 1:51 PM IST

Advertisement