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प्रतीकात्मक छवि (Source: Pinterest)
New Delhi: क्या आपने कभी अपने घर के बिजली मीटर की स्क्रीन को ध्यान से देखा है? डिजिटल और स्मार्ट मीटर केवल बिजली की यूनिट नहीं दिखाते, बल्कि कई तरह के संकेत और सिंबल के जरिए मीटर या बिजली व्यवस्था से जुड़ी जानकारी भी देते हैं। इनमें से कुछ संकेत ऐसे हो सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। अगर मीटर पर Electricity Meter Earthing Symbol दिखाई दे, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय वायरिंग की जांच कराना बेहतर है।
पुराने मीटर में मुख्य रूप से बिजली की रीडिंग दिखाई देती थी। वहीं डिजिटल और स्मार्ट मीटर में बिजली की सप्लाई, लोड और संभावित गड़बड़ी से जुड़े अलग-अलग संकेत दिखाई दे सकते हैं।
अगर मीटर पर अर्थिंग से जुड़ा सिंबल दिखाई देता है, तो यह घर की वायरिंग या बिजली व्यवस्था में लीकेज अथवा किसी अन्य तकनीकी समस्या की ओर इशारा कर सकता है। हालांकि, अलग-अलग कंपनियों और मीटर मॉडल में सिंबल का मतलब अलग हो सकता है। इसलिए केवल सिंबल देखकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय बिजली विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है।
वायरिंग में अर्थ लीकेज, न्यूट्रल लीकेज या फेज से जुड़ी समस्या होने पर करंट का अनचाहा प्रवाह हो सकता है। ऐसी स्थिति में बिजली की बर्बादी के साथ सुरक्षा का खतरा भी बढ़ सकता है।
अगर आपको बिना वजह बिजली की खपत बढ़ती हुई नजर आ रही है या मीटर की रीडिंग सामान्य से ज्यादा तेजी से बढ़ रही है, तो घर के उपकरणों और वायरिंग की जांच जरूर करानी चाहिए।
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करंट लीकेज से बचाव के लिए घर की इलेक्ट्रिकल वायरिंग में RCCB यानी Residual Current Circuit Breaker लगाया जा सकता है। यह डिवाइस सर्किट में करंट के असंतुलन या लीकेज का पता लगाकर सप्लाई को ट्रिप कर देती है।
इससे करंट लीकेज की स्थिति में बिजली की सप्लाई जल्दी बंद हो सकती है और बिजली के झटके तथा आग जैसे जोखिम को कम करने में मदद मिलती है।
अगर मीटर पर अर्थिंग या किसी फॉल्ट से जुड़ा संकेत दिखाई दे रहा है, तो सबसे पहले मीटर और घर की वायरिंग की जांच किसी योग्य इलेक्ट्रीशियन से करवाएं। जरूरत पड़ने पर RCCB लगवाएं और पुराने या खराब तारों तथा उपकरणों की भी जांच कराएं।
ध्यान रखें कि सिर्फ मीटर पर कोई सिंबल दिखाई देना ज्यादा बिल आने का पक्का कारण नहीं है। सही वजह जानने के लिए मीटर, वायरिंग और बिजली के उपकरणों की तकनीकी जांच जरूरी है।
Location : New Delhi
Published : 5 October 2026, 2:25 PM IST