गोरखपुर में असलहों के नेटवर्क पर बड़ा वार, दो युवक और बाल अपचारी गिरफ्तार; बिश्नोई गैंग कनेक्शन ने बढ़ाई हलचल

गोरखपुर के खोराबार में पुलिस की कार्रवाई के बाद अवैध असलहा सप्लाई नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। दो युवकों और एक बाल अपचारी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को हथियारों के पुराने कनेक्शन मिलने का दावा है।

Gorakhpur: अवैध असलहों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में गोरखपुर पुलिस ने खोराबार क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए दो युवकों और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों का संबंध अंतरराज्यीय असलहा सप्लाई नेटवर्क से है, जिसके तार बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों तक पहुंचने की बात सामने आई है।

आरोपियों के कब्जे से 315 बोर का तमंचा, 32 बोर की पिस्टल मय मैगजीन, 7.65 बोर का जिंदा कारतूस और स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की गई है। पुलिस अब नेटवर्क के मुख्य सप्लायरों और हथियारों के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।

ऐसे हुई गिरफ्तारी

पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस सभागार में प्रेस वार्ता के दौरान एएसपी/सीओ कैंट अरुण कुमार एस ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर खोराबार पुलिस ने अफजल खान पुत्र नूरूल हुदा खान निवासी डिबिया, थाना कैंट, मो. शमी पुत्र कुर्बान अली निवासी दिव्यनगर रानीडीहा, थाना कैंट और एक बाल अपचारी को पकड़ा। तलाशी में इनके पास से अवैध हथियार और कारतूस बरामद हुए।

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पुलिस ने स्विफ्ट डिजायर कार भी कब्जे में ली है। मामले में खोराबार थाने में मु0अ0सं0 471/2026 के तहत धारा 55, 61 बीएनएस और 9/25(1ए) आयुध अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया है।

हत्या में इस्तेमाल असलहे भी पहुंचने का दावा

पुलिस के अनुसार पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने जिस नेटवर्क से हथियार हासिल किए, उसी स्रोत से पूर्व में चिलुआताल थाना क्षेत्र में हुई हत्या में इस्तेमाल असलहे भी पहुंचने का दावा किया गया है। 17 मार्च 2026 को चिलुआताल में राज कुमार चौहान की गोली और चाकू मारकर हत्या के मामले में दो अवैध पिस्टल बरामद करते हुए मनीष यादव और सचिन यादव को गिरफ्तार किया गया था।

एसटीएफ गोरखपुर और एंटी थेफ्ट टीम की संयुक्त कार्रवाई में पूर्व में श्रेयांश यादव उर्फ बबलू, अजीत यादव, अभिषेक गौड़ उर्फ भेली, अभिषेक प्रजापति उर्फ अभी और राहुल गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था। इनके कब्जे से चार पिस्टल, एक रिवाल्वर और कारतूस बरामद हुए थे।

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इसके बाद 23 अगस्त को संतकबीरनगर, 15 सितंबर को कुशीनगर के कप्तानगंज और 26 सितंबर को कैंट क्षेत्र में भी कार्रवाई हुई। 30 सितंबर को कैंट पुलिस ने चार आरोपियों को दो अवैध पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था, जबकि दो आरोपियों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था।

पुलिस का दावा है कि अब तक इस असलहा तस्करी नेटवर्क से जुड़े 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर कुल 14 अवैध शस्त्र बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से आते थे, किन राज्यों के रास्ते गोरखपुर पहुंचते थे और पूर्वांचल में किन अपराधों में इनका इस्तेमाल हुआ। गिरोह की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए जांच और कार्रवाई जारी है।

Location :  Gorakhpur

Published :  4 October 2026, 3:45 PM IST

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