UP Rajya Sabha Elections: कम विधायक होने पर भी तीसरा प्रत्याशी उतारेगी सपा, अखिलेश यादव 6 अक्टूबर को खोलेंगे पत्ते

सपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने दो उम्मीदवार पहले ही उतार दिए हैं। अब पार्टी कम विधायक होने के बावजूद तीसरे प्रत्याशी को मैदान में उतारने की रणनीति पर काम कर रही है। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव 6 अक्टूबर को नामांकन के आखिरी दिन अपने पत्ते खोलेंगे।

Updated : 5 October 2026, 8:40 AM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। गणितीय आंकड़े भले ही समाजवादी पार्टी (सपा) के पक्ष में पूरी तरह मजबूत न दिख रहे हों, लेकिन पार्टी ने इस चुनाव को दिलचस्प बनाने का पूरा मन बना लिया है। कम संख्या बल होने के बावजूद सपा अपने पाले से तीसरे प्रत्याशी को मैदान में उतारने की तैयारी में जुटी है, जिससे सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है।

नामांकन के अंतिम दिन यानी 6 अक्टूबर को होगा खुलासा

सपा अपने तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार के नाम का ऐलान नामांकन के आखिरी दिन यानी 6 अक्टूबर को करेगी। पार्टी के उच्चपदस्थ सूत्रों के अनुसार, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीसरे उम्मीदवार का नाम गुप्त रूप से तय कर लिया है और पूरी चुनावी रणनीति भी तैयार कर ली है। हालांकि, पार्टी नेतृत्व इस समय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की चाल का इंतजार कर रहा है। भाजपा के अगले कदम को भांपने के बाद ही सपा अपनी अंतिम रणनीति पर मुहर लगाएगी।

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यूपी में 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को होगा मतदान

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की कुल 10 सीटों पर चुनाव होना है, जिसके लिए मतदान 16 अक्टूबर को निर्धारित किया गया है। नामांकन की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर है, इसलिए सभी राजनीतिक दलों को इसी दिन तक अपने सभी पत्ते खोलने होंगे। इस चुनाव में विधानसभा के सदस्य अपने मत का प्रयोग करते हैं। मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखें तो इस बार चुनाव में अधिकतम 393 से 394 वोट ही पड़ने की संभावना है।

सपा इस चुनाव के लिए पहले ही अपने दो मजबूत प्रत्याशियों- प्रो रामगोपाल यादव और रिलायंस समूह के कंसल्टेंट धनराज नाथवानी—को चुनावी मैदान में उतार चुकी है।

निर्विरोध चुनाव टालने और क्रॉस वोटिंग की रणनीति

वर्तमान राजनीतिक समीकरणों के मुताबिक, यदि सपा अपने दो और भाजपा अपने आठ प्रत्याशियों तक ही सीमित रहती है, तो यह चुनाव निर्विरोध संपन्न हो जाएगा। लेकिन अगर किसी भी पक्ष की ओर से एक भी अतिरिक्त उम्मीदवार उतारा जाता है, तो मतदान कराना अनिवार्य हो जाएगा।

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सपा का यह दावा है कि इस समय जितने विधायक उसके समर्थन में हैं, यदि उनके वोटों को जोड़ा जाए, तो तीसरे प्रत्याशी को जीत दिलाने के लिए उसे केवल 5 अतिरिक्त वोटों की आवश्यकता पड़ेगी। पार्टी का यह भी मानना है कि इन अतिरिक्त वोटों की व्यवस्था के लिए सत्ताधारी गठबंधन के कुछ असंतुष्ट विधायक उनके सीधे संपर्क में हैं, जिससे चुनावी परिणाम में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है।

क्या अखिलेश यादव की यह रणनीति भाजपा को चौंका पाएगी या क्रॉस वोटिंग का खेल किसी नए समीकरण को जन्म देगा? 6 अक्टूबर को नामांकन के आखिरी दिन से पर्दा उठने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।

Location :  Lucknow

Published :  5 October 2026, 8:40 AM IST

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