Delhi School Safety Audit: 5,000 से ज्यादा स्कूलों में 16 सुरक्षा मानकों की जांच, मॉक ड्रिल से परखी तैयारी

Delhi School Safety Audit के तहत दिल्ली के 5,000 से ज्यादा स्कूलों और 30 विश्वविद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था की जांच हो रही है। 16 सुरक्षा मानकों के साथ सीसीटीवी, एंट्री-एग्जिट, कर्मचारियों के वेरिफिकेशन और निकासी योजना को परखा जा रहा है। स्कूलों में मॉक ड्रिल और इमरजेंसी रेस्क्यू अभ्यास भी कराया जा रहा है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 5 October 2026, 11:00 AM IST
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New Delhi: दिल्ली के स्कूलों और कॉलेजों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। Delhi School Safety Audit के तहत दिल्ली पुलिस और शिक्षा निदेशालय की ओर से 5,000 से ज्यादा स्कूलों और 30 विश्वविद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा रही है। इसके साथ ही कई संस्थानों में मॉक ड्रिल और इमरजेंसी रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास भी कराया जा रहा है।

16 सुरक्षा मानकों पर हो रही जांच

इस अभियान के तहत स्कूलों में 16 प्रमुख सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है। इसमें सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली, स्कूल के एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर सुरक्षा व्यवस्था, आपात स्थिति में निकासी की योजना और कर्मचारियों का वेरिफिकेशन जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं।

अभियान का उद्देश्य स्कूल और कॉलेज परिसर में किसी भी संभावित सुरक्षा चुनौती से निपटने की तैयारी को मजबूत करना है। दिल्ली पुलिस के राजपत्रित अधिकारी, जिनमें एसीपी और वरिष्ठ स्तर के अधिकारी शामिल हैं, इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।

पुरानी कमियों को दूर करने पर भी जोर

इससे पहले जुलाई में चाइल्ड प्रोटेक्शन मंथ के दौरान सरकारी और निजी स्कूलों में सुरक्षा ऑडिट किया गया था। उस दौरान जिन संस्थानों में सुरक्षा से जुड़ी कमियां सामने आई थीं, उन्हें अब दूर करने की प्रक्रिया चल रही है।

संबंधित स्कूलों से कमियों को ठीक करने के बाद कंप्लायंस रिपोर्ट तैयार करने को कहा जा रहा है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि पहले सामने आई सुरक्षा खामियां दोबारा न रहें।

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मॉक ड्रिल में परखी जा रही इमरजेंसी तैयारी

सुरक्षा ऑडिट के साथ स्कूलों में मॉक ड्रिल भी कराई जा रही है। इसमें किसी आपात स्थिति के दौरान बच्चों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया का अभ्यास कराया जाता है।

इमरजेंसी रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान स्कूल की आपदा प्रबंधन कमेटी की तैयारी, फायर सेफ्टी व्यवस्था और रेस्क्यू टीम के रिस्पॉन्स टाइम को भी परखा जा रहा है। इससे वास्तविक आपात स्थिति में स्कूल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलेगी।

सुरक्षा चुनौतियों के बाद अभियान तेज

दिल्ली के स्कूलों और कॉलेजों में सुरक्षा को लेकर सामने आई चुनौतियों और पहले मिल चुकी बम धमकियों जैसी घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा पर जोर बढ़ा है। पुलिस और शिक्षा विभाग का यह अभियान संस्थानों में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के साथ-साथ किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को परखने पर केंद्रित है।

Location :  New Delhi

Published :  5 October 2026, 11:00 AM IST

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