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1799 अनधिकृत कॉलोनियों पर कोर्ट का सवाल (Source: Pinterest)
Noida: यमुना की सफाई और उससे जुड़े इलाकों में अतिक्रमण को लेकर चल रही सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने Yamuna Action Plan पर कई अहम सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने नोएडा अथॉरिटी से पूछा है कि यमुना के बाढ़ क्षेत्र को ‘एक्टिव फ्लड प्लेन’ के आधार पर अलग क्यों किया गया। साथ ही कोर्ट ने यह भी जानना चाहा है कि एक्शन प्लान में चिन्हित 1799 अनधिकृत कॉलोनियों में से कितनी बाढ़ क्षेत्र में आती हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने यमुना एक्शन प्लान को लेकर पूछा है कि दिल्ली और उत्तर प्रदेश में चिन्हित 1799 अनधिकृत कॉलोनियों में कितनी कॉलोनियां बाढ़ क्षेत्र में स्थित हैं। कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि दिल्ली-2047 मास्टरप्लान और यमुना एक्शन प्लान के बीच कितना तालमेल है।
कोर्ट के इन सवालों के बाद अब इस पूरे मामले में बाढ़ क्षेत्र में मौजूद अनधिकृत कॉलोनियों की स्थिति स्पष्ट करना अहम हो गया है।
मामले में उत्तर प्रदेश और दिल्ली सरकार की ओर से सात अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्रालय में पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। इसका उद्देश्य यमुना एक्शन प्लान और उसमें प्रस्तावित कदमों को स्पष्ट करना है।
मामले की अगली सुनवाई चार नवंबर को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने एक्शन प्लान को विस्तार से समझने और आगे की कार्रवाई तय करने के लिए प्रस्तुति के जरिए जरूरी जानकारी सामने रखने को कहा है।
यह मामला मूल रूप से कोंडली ड्रेन के गंदे पानी को बिना ट्रीटमेंट सीधे यमुना में गिराए जाने से जुड़ा है। पर्यावरणविद अभीष्ट कुसुम गुप्ता ने 2015 में इस मामले को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में वाद दायर किया था।
अगस्त 2022 में एनजीटी ने मामले में नोएडा अथॉरिटी पर 100 करोड़ रुपये और दिल्ली जल बोर्ड पर 50 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। नोएडा अथॉरिटी ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने पूरे यमुना क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय गृह सचिव की अगुवाई में हाई पावर्ड कमिटी गठित की थी। समिति ने यमुना एक्शन प्लान से जुड़ी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी है।
रिपोर्ट के अनुसार 1799 अनधिकृत कॉलोनियों की पहचान की गई है और इनके लिए एकीकृत सीवरेज सिस्टम विकसित किया जा रहा है। बताया गया है कि इसका 73 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
कोर्ट ने सवाल उठाया कि एक्शन प्लान में नदी तल, बाढ़ क्षेत्र और नालों पर मौजूद अतिक्रमण या अनधिकृत निर्माण को हटाने अथवा स्थानांतरित करने का कोई स्पष्ट प्रस्ताव क्यों नहीं है।
नोएडा अथॉरिटी की एसीईओ वंदना त्रिपाठी के अनुसार, शासन स्तर पर यमुना की सफाई की योजना को लेकर ऑनलाइन बैठक हो चुकी है। प्रदेश सरकार के निर्देश के अनुसार अथॉरिटी स्तर पर जरूरी कार्य कराए जाएंगे।
Location : Noida
Published : 5 October 2026, 2:42 PM IST