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पिथौरागढ़ में आफत की बारिश (Img- X)
Pithoragarh: उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में पिछले कुछ दिनों से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। इस भारी बारिश की वजह से पहाड़ी इलाकों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के कारण जगह-जगह से पहाड़ खिसकने और भारी मलबा आने की खबरें आ रही हैं।
सबसे ज्यादा असर तवाघाट-सोबला-दर मार्ग पर पड़ा है, जहाँ भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा आ जाने के कारण यह रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। इस मुख्य मार्ग के बंद होने की वजह से दारमा घाटी में चीन सीमा से जुड़ने वाला संपर्क पूरी तरह कट गया है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं।
तवाघाट-सोबला-तिदाग मार्ग के बंद हो जाने से तल्ला दारमा से लेकर मल्ला दारमा तक के करीब डेढ़ दर्जन (18) गांवों का संपर्क बाकी दुनिया से टूट गया है। रास्ते बंद होने की वजह से इन गांवों में जरूरी सामानों की सप्लाई भी रुकने का खतरा पैदा हो गया है।
इसके अलावा, खूबसूरत वादियों का लुत्फ उठाने पंचाचूली ग्लेशियर बेस कैंप गए कई पर्यटक भी रास्ते में फंस गए हैं। हालांकि, सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमें भारी मशीनों के साथ मौके पर मुस्तैद हैं और बंद रास्ते से मलबे को हटाकर मार्ग को दोबारा खोलने के काम में पूरी ताकत से जुटी हुई हैं।
दूसरी तरफ, लगातार हो रही बारिश के बीच थल-सातशिलिंग मोटर मार्ग पर भी हालात बेहद खराब हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहाँ सड़क निर्माण कार्यों में बरती जा रही लापरवाही अब जनता के लिए बड़ी मुसीबत बन चुकी है।
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मंगलवार की रात को हुई तेज बारिश की वजह से नागीमल पहाड़ी से अचानक बड़े-बड़े बोल्डर (चट्टानें) और कीचड़ सड़क पर आ गिरे। इसके चलते यह रास्ता रातभर पूरी तरह बंद रहा और सुबह के समय भी गाड़ियों की आवाजाही ठप रही, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
Location : Pithoragarh
Published : 2 July 2026, 10:22 AM IST