PUC की वैलिडिटी खत्म होने के बाद क्या मिलती है कुछ दिनों की छूट? चालान से बचना है तो तुरंत पढ़ें सरकार का यह नियम

क्या आप भी रोजाना बेफिक्र होकर अपनी गाड़ी सड़क पर दौड़ा रहे हैं? रुकिए! सरकार एक ऐसा नया नियम लागू करने जा रही है, जिसके बाद पुराने और नए वाहनों के लिए सबकुछ बदलने वाला है। बिना इस जरूरी काम के अब सड़क पर कदम रखना भी आपको भारी पड़ेगा। समय रहते जान लीजिए सरकार का नया मास्टरप्लान, वरना सीधे कोर्ट और भारी जुर्माने के चक्कर काटने पड़ सकते हैं।

Updated : 2 July 2026, 10:22 AM IST
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New Delhi: आज के समय में देश में गाड़ी चलाने के लिए जितने जरूरी दस्तावेज जैसे ड्राइविंग लाइसेंस या इंश्योरेंस हैं, उतना ही जरूरी पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUC) भी है। PUC सर्टिफिकेट इस बात का प्रमाण होता है कि आपकी गाड़ी तय मानकों के भीतर ही धुआं छोड़ रही है और इससे पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंच रहा है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि अगर PUC की वैधता खत्म हो जाए, तो क्या कुछ दिनों की छूट मिलती है? आइए जानते हैं इस पर कानून क्या कहता है और नियमों को लेकर सरकार क्या नए बदलाव करने जा रही है।

PUC खत्म होने के बाद कितने दिन तक गाड़ी चला सकते हैं?

सीधा और साफ जवाब है- एक दिन भी नहीं। नियमों के अनुसार, PUC सर्टिफिकेट की वैधता (Validity) खत्म होने के बाद वाहन चलाने के लिए किसी भी तरह का कोई ग्रेस पीरियड (अतिरिक्त समय) नहीं दिया जाता है।

जैसे ही आपके वाहन का PUC सर्टिफिकेट एक्सपायर होता है, उसके तुरंत बाद सड़क पर गाड़ी चलाना नियमों का सीधा उल्लंघन माना जाता है। ऐसी स्थिति में पकड़े जाने पर वाहन मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए समझदारी इसी में है कि PUC की अवधि खत्म होने से पहले ही उसे हर हाल में रिन्यू करा लिया जाए।

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नियम तोड़ने पर कितना लगेगा जुर्माना?

अगर आप बिना वैध PUC सर्टिफिकेट के गाड़ी चलाते हुए पकड़े जाते हैं, तो आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। नियमों के मुताबिक-

भारी जुर्माना: बिना वैध PUC के वाहन चलाने पर कम से कम 1,000 रुपये और अधिकतम 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

बार-बार गलती करने पर जुर्माना: यदि आप बार-बार इस नियम को तोड़ते हैं, तो हर बार 2,000 रुपये तक का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जा सकता है।

लाइसेंस सस्पेंड: जुर्माने के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने पर आपका ड्राइविंग लाइसेंस भी तीन महीने के लिए सस्पेंड (निलंबित) किया जा सकता है।

सरकार PUC नियमों में क्या बदलाव करने की तैयारी कर रही है?

सड़क पर प्रदूषण को नियंत्रित करने और नियमों को व्यावहारिक बनाने के लिए सरकार अब एक नई व्यवस्था पर विचार कर रही है, जिसे PUCC 3.0 नाम दिया गया है। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य नई तकनीक वाले कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को राहत देना और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाली पुरानी गाड़ियों पर शिकंजा कसना है।

अगर सरकार का यह प्रस्ताव लागू होता है, तो 1 अप्रैल 2020 के बाद खरीदे गए BS-VI (बीएस-6) निजी वाहनों के मालिकों को बड़ी राहत मिल सकती है, क्योंकि इनके लिए PUC की वैधता को आगे बढ़ाया जा सकता है।

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BS-IV और पुराने वाहनों के लिए सख्त हो सकते हैं नियम

नए प्रस्ताव में पुरानी गाड़ियों के लिए नियमों को काफी कड़ा करने की तैयारी है-

BS-IV निजी वाहन: मार्च 2020 से पहले बने BS-IV निजी वाहनों के लिए अभी PUC की अवधि एक साल की है, लेकिन नए नियम के बाद इसे घटाकर हर 6 महीने में रिन्यू कराना पड़ सकता है।

BS-I, BS-II और BS-III वाहन: इन बेहद पुराने वाहनों के लिए फिलहाल हर 6 महीने में जांच करानी होती है। लेकिन नए प्रस्ताव के तहत अब इन्हें हर 3 महीने में अपनी गाड़ी की PUC जांच करानी होगी।

कमर्शियल वाहनों के लिए क्या हो सकते हैं नए नियम?

कमर्शियल यानी व्यावसायिक वाहनों के लिए भी इस प्रस्ताव में अलग से गाइडलाइन तैयार की गई है। प्रस्ताव के मुताबिक-

जो BS-VI कमर्शियल वाहन 6 साल तक पुराने हैं, उनके लिए PUC की वैधता को बढ़ाकर 2 साल किया जा सकता है।

हालांकि, जैसे ही कमर्शियल वाहन 6 साल से ज्यादा पुराना हो जाएगा, उस पर वही नियम लागू होंगे जो निजी BS-VI वाहनों के लिए तय किए जाएंगे।

Location :  New Delhi

Published :  2 July 2026, 10:22 AM IST

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