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डीएम मेधा रूपम (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Noida: महेंद्र दत्त शर्मा मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने पाया कि पूर्व में दिए गए स्पष्ट निर्देशों के बावजूद जिलाधिकारी की ओर से निर्धारित समय सीमा में जवाब दाखिल नहीं किया गया। इसे गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने जिलाधिकारी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। साथ ही संबंधित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के माध्यम से उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी करने के भी आदेश दिए हैं।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकलपीठ में हुई। अदालत के अनुसार, इस मामले में पहले 8 दिसंबर 2025 और फिर 5 जनवरी 2026 को स्पष्ट आदेश पारित किए गए थे। इन दोनों आदेशों के अनुपालन में जिलाधिकारी को अपना जवाब दाखिल करना था, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
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1 जुलाई 2026 को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इस लापरवाही पर नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि न्यायालय के आदेशों की अनदेखी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। कोर्ट ने जिलाधिकारी को 2 जुलाई 2026 सुबह 10 बजे व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि उनके खिलाफ न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए।
हाईकोर्ट ने संबंधित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के माध्यम से जिलाधिकारी के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का निर्देश भी दिया है। साथ ही रजिस्ट्रार (अनुपालन) को आदेश के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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अब इस मामले में अदालत के समक्ष जिलाधिकारी का पक्ष सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो न्यायालय अवमानना संबंधी कार्यवाही पर आगे निर्णय ले सकता है।
Location : Noida
Published : 2 July 2026, 8:57 AM IST