ऋषिकेश रेल हादसे पर रेलवे का कड़ा एक्शन: देहरादून तक गिली गाज, मामले में लोको पायलट सस्पेंड

ऋषिकेश में उज्जैनी एक्सप्रेस हादसे को लेकर रेलवे ने लोको पायलट समेत 8 कर्मचारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। उधर, देहरादून रेल हादसे के मामले में दोषी शंटिंग मास्टर की एक साल के लिए वेतन बढ़ोतरी (इन्क्रीमेंट) रोक दी गई है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 12 June 2026, 10:12 AM IST
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Rishikesh: उत्तराखंड के ऋषिकेश में हुए उज्जैनी एक्सप्रेस हादसे को लेकर रेलवे विभाग बेहद सख्त रुख अपना रहा है। लापरवाही के इस गंभीर मामले में रेलवे की ओर से ऑपरेटिंग, सीएंडडब्ल्यू (C&W) और लोको अनुभाग के कुल आठ कर्मचारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।

शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्य आरोपी लोको पायलट को उसके पद से तत्काल प्रभाव से हटाकर चंदौसी प्रशिक्षण केंद्र भेज दिया गया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इसी महीने के अंत तक मामले से जुड़े शेष अन्य दोषी कर्मचारियों पर भी बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

लोको पायलट की गैरमौजूदगी में हटाए गए थे गुटके

यह पूरा मामला बीते 18 मई का है, जब ऋषिकेश के खांड गांव के पास उज्जैनी एक्सप्रेस के तीन कोच और इंजन पटरी से उतरकर हादसे का शिकार हो गए थे। इस दुर्घटना में ट्रेन के कोच बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। राहत की बात यह थी कि हादसे के वक्त ट्रेन पूरी तरह खाली थी और उसे शंटिंग के लिए खड़ा किया गया था। रेलवे की तकनीकी जांच में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

जांच के अनुसार, यह हादसा उस वक्त हुआ जब लोको पायलट अपनी जगह पर मौजूद नहीं था और उसकी गैरमौजूदगी में ही ट्रेन की सुरक्षा के लिए लगाए गए चेन और पहियों के नीचे से लकड़ी/लोहे के गुटके (Chocks) हटा दिए गए, जिससे ट्रेन ढलान पर लुढ़क गई।

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आरोपियों को मिला एक महीने का समय

हादसे की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली और मुरादाबाद रेल मंडल के कई वरिष्ठ अधिकारी लगातार मामले की निगरानी कर रहे हैं। चार्जशीटेड सभी आठ रेल कर्मचारियों को रेलवे प्रशासन की ओर से एक महीने का समय दिया गया है।

इस अवधि के भीतर सभी आरोपियों को विभाग के समक्ष उपस्थित होकर अपने बचाव में अंतिम बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि वे तय समय में अपनी बेगुनाही का कोई ठोस सबूत नहीं दे पाते हैं, तो उन्हें सेवा से निष्कासित भी किया जा सकता है।

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देहरादून हादसे के दोषी शंटिंग मास्टर की रुकी वेतन बढ़ोतरी

ऋषिकेश के साथ-साथ रेलवे ने पुराने मामलों की फाइलें खोलकर भी कार्रवाई तेज कर दी है। फरवरी 2023 में देहरादून टर्मिनल में नंदा देवी एक्सप्रेस के चार पहिए पटरी से उतर गए थे और ट्रेन पीछे की दीवार से जा टकराई थी। इस मामले की लंबी जांच के बाद अब शंटिंग मास्टर को मुख्य रूप से दोषी पाया गया है।

शंटिंग मास्टर पर आरोप है कि उसने शंटिंग के दौरान लोको पायलट को सटीक और सही जानकारी नहीं दी, जिससे ट्रेन समय पर नहीं रुक सकी। लापरवाही के एवज में रेलवे ने शंटिंग मास्टर की एक वर्ष तक के लिए वेतन बढ़ोतरी (Increment) पर रोक लगा दी है।

Location :  Rishikesh

Published :  12 June 2026, 10:12 AM IST

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