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पहली बारिश ने खोली सरकारी दावों की पोल (Img- X)
Dehradun: उत्तराखंड में मानसून के दोबारा सक्रिय होते ही प्रशासनिक दावों और निर्माण की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। देहरादून के नंदा की चौकी के पास हाल ही में बनकर तैयार हुआ नया पुल पहली ही मानसूनी बारिश का थपेड़ा सहन नहीं कर सका।
करीब 16 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बने इस पुल का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया। सड़क के बीचों-बीच बड़ा गड्ढा बनने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस रूट पर गाड़ियों की आवाजाही तुरंत पूरी तरह रोक दी गई।
पुल टूटने के बाद क्षेत्र में यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। सिर्फ नंदा की चौकी ही नहीं, बल्कि शहर के रेंजर्स ग्राउंड के पास भी भारी जलभराव देखने को मिला। सड़कों पर पानी भरने से गाड़ियां रेंगती नजर आईं और आम लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
नए-नवेले पुल का इस तरह पहली ही बारिश में धराशायी होना सीधे तौर पर घटिया निर्माण सामग्री और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही की तरफ इशारा कर रहा है।
एक तरफ निर्माण कार्य की पोल खुल रही है, तो दूसरी तरफ मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। इन इलाकों में मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज बिजली कड़कने की भी पूरी आशंका जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 2 अगस्त तक पूरे राज्य में आफत का यह दौर जारी रहेगा। नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की संभावना को देखते हुए पहाड़ों में रहने वाले लोगों को खास सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।
Location : Dehradun
Published : 28 July 2026, 11:25 AM IST