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अवैध हथियारों के खेल का STF ने किया भंडाफोड़ (IMG: Dynamite News)
Saharanpur News: सहारनपुर में अवैध हथियारों की तस्करी के एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो दूसरे राज्य से हथियार खरीदकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सप्लाई कर रहा था। यूपी STF की मेरठ फील्ड यूनिट ने कार्रवाई करते हुए इस गैंग के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में अवैध हथियार, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद की गई है। कार्रवाई के बाद पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों और हथियारों के खरीदारों की जानकारी जुटाने में लगी है।
यह कार्रवाई 1 अक्टूबर 2026 को सहारनपुर के मिर्जापुर थाना क्षेत्र में की गई। STF को पिछले कुछ दिनों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अवैध असलहों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के सक्रिय होने की सूचनाएं मिल रही थीं। इसके बाद STF की अलग-अलग टीमों को सूचना जुटाने और कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। मेरठ फील्ड यूनिट की टीम आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि काले रंग की एक स्कॉर्पियो में तीन से चार लोग अवैध हथियार लेकर इलाके में मौजूद हैं।
सूचना मिलते ही STF टीम ने स्थानीय पुलिस को जानकारी दी और मुखबिर के बताए स्थान पर पहुंच गई। टीम ने बिजलीघर तिराहे से शेरपुर पैलो जाने वाले रास्ते पर घेराबंदी की। इसके बाद मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों की पहचान असद, इकराम और दानिश के रूप में हुई है। तीनों सहारनपुर जिले के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले बताए गए हैं। STF के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं। इनमें 12 बोर की एक पंप एक्शन गन, दो 12 बोर की बंदूकें, एक 315 बोर की बंदूक, तीन अवैध एयर गन, एक तलवार और 12 बोर का एक तमंचा शामिल है। इसके अलावा 12 बोर के 425 जिंदा कारतूस, दो मोबाइल फोन और काले रंग की एक स्कॉर्पियो भी बरामद की गई है।
पूछताछ में STF के सामने आरोपियों ने हथियारों की सप्लाई को लेकर जो जानकारी दी, उसके मुताबिक ये लोग पंजाब के अमृतसर स्थित मरहट्टा गन हाउस से हथियार और कारतूस खरीदकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में सप्लाई करते थे। प्रेस नोट के मुताबिक आरोपी अमृतसर से करीब 30 से 40 हजार रुपये में बंदूक खरीदते थे और उसे यहां लाकर 80 हजार से एक लाख रुपये तक में बेच देते थे। जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों का नेटवर्क केवल एक-दो घटनाओं तक सीमित नहीं था। STF के मुताबिक ये लोग पिछले करीब दो वर्षों से अवैध हथियारों की तस्करी के काम में सक्रिय थे और शामली, सहारनपुर समेत आसपास के कई जिलों में पहले भी हथियार बेच चुके थे।
पूछताछ में STF को आरोपियों के बीच कथित तौर पर अलग-अलग भूमिकाओं की जानकारी मिली। प्रेस नोट के मुताबिक असद मूल रूप से सहारनपुर के मिर्जापुर थाना क्षेत्र के गांव महेश्वरी कलां का रहने वाला है और सहारनपुर में भी उसका मकान है। उसके गांव में करीब 200 बीघा जमीन और पुश्तैनी मकान होने के साथ दूध की डेयरी चलाने की बात भी सामने आई है। दानिश कथित तौर पर असद की गाड़ी चलाता था और करीब दो साल से उसके साथ रहकर अवैध हथियारों की तस्करी में शामिल था। वहीं इकराम असद का नौकर बताया गया है, जो उसके घर और डेयरी पर काम करता था। STF के अनुसार तीनों आरोपी अमृतसर से हथियार और कारतूस खरीदकर पश्चिमी यूपी के जिलों में सप्लाई करते थे।
अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े इस नेटवर्क पर STF पहले भी कार्रवाई कर चुकी है। प्रेस नोट के मुताबिक मरहट्टा गन हाउस, अमृतसर से अवैध हथियार खरीदकर तस्करी करने के मामले में STF ने 20 दिसंबर 2024 को मुजफ्फरनगर निवासी अनिल बालियान उर्फ अनिल बज्जी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 5 मार्च 2025 को अमृतसर के मरहट्टा गन हाउस के मालिक सेठपाल सिंह को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
तीनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सहारनपुर के मिर्जापुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रेस नोट के मुताबिक मुकदमा अपराध संख्या 318/2026 में आर्म्स एक्ट की धारा 3/4/5/25/25(8) और BNS की धारा 3(5) के तहत दर्ज किया गया है। अब आगे की कानूनी कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जाएगी।
Location : Saharanpur
Published : 2 October 2026, 3:24 PM IST