महराजगंज में IT का मेगा ऑपरेशन: दूसरे दिन भी दो राइस मिलों में डटी रही आयकर टीम, करोड़ों कैश की चर्चाओं से मचा भूचाल

महराजगंज के हिंदुस्तान फ्लोर इंडस्ट्रीज और शंकर राइस मिल पर आयकर विभाग की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। जांच के बीच करोड़ों के फाइनेंस की चर्चाओं से व्यापारिक जगत में हड़कंप मचा है। हालांकि आयकर विभाग ने अभी तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 31 July 2026, 12:28 AM IST
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Maharajganj: जनपद के नौतनवा क्षेत्र में स्थित हिंदुस्तान फ्लोर इंडस्ट्रीज और शंकर राइस मिल पर आयकर विभाग (इनकम टैक्स) की कार्रवाई दूसरे दिन भी लगातार जारी रही। पहले दिन सुबह शुरू हुई छापेमारी गुरुवार को भी देर रात तक जारी रही।

बाहरी अधिकारियों की टीम दोनों प्रतिष्ठानों के वित्तीय दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, कंप्यूटर डेटा, बिल, वाउचर और खातों की गहन जांच में जुटी रही। लगातार दो दिनों तक चली इस कार्रवाई से जिले के व्यापारिक जगत में हड़कंप मच गया है।

सूत्रों के मुताबिक, आयकर विभाग की टीम बेहद सुनियोजित तरीके से जांच कर रही है। प्रतिष्ठानों में उपलब्ध सभी महत्वपूर्ण अभिलेखों को खंगाला जा रहा है और आय-व्यय से जुड़े रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है। अधिकारियों का फोकस वित्तीय लेन-देन, बैंकिंग रिकॉर्ड, स्टॉक, खरीद-बिक्री और टैक्स से जुड़े दस्तावेजों पर है। कई दस्तावेजों को जांच के लिए अपने कब्जे में भी लिया गया है।

शंकर राइस मिल आयकर विभाग के घेरे में

कार्रवाई के दौरान सबसे अधिक चर्चा शंकर राइस मिल को लेकर रही। व्यापारिक गलियारों में यह चर्चा तेजी से फैल गई कि जांच के दौरान यहां से करीब ₹1 करोड़ 30 लाख नकदी मिली है।

हालांकि इस संबंध में आयकर विभाग ने अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। इसलिए इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं हिंदुस्तान फ्लोर इंडस्ट्रीज को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है।

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सूत्रों का कहना है कि नौतनवा स्थित एक बैंक से जुड़े लगभग 59 करोड़ के फाइनेंस और उससे संबंधित वित्तीय दस्तावेज आयकर विभाग की जांच के दायरे में हैं। बैंकिंग लेन-देन, ऋण संबंधी रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की गहन पड़ताल की जा रही है। हालांकि इन जानकारियों की भी विभागीय स्तर पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कारोबारी गतिविधियों पर नजर

सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग पिछले कुछ समय से दोनों प्रतिष्ठानों की कारोबारी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए था। प्रारंभिक सूचनाओं और वित्तीय इनपुट के आधार पर पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद बाहरी अधिकारियों की विशेष टीम को कार्रवाई के लिए भेजा गया। यही कारण है कि छापेमारी पूरी गोपनीयता के साथ शुरू की गई।

छापेमारी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। प्रतिष्ठानों के भीतर किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। कर्मचारियों और संबंधित लोगों से पूछताछ की गई तथा कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों का मौके पर ही मिलान किया गया। बताया जा रहा है कि डिजिटल रिकॉर्ड और कंप्यूटर में उपलब्ध वित्तीय डाटा की भी जांच की जा रही है।

राइस मिल संचालकों और अन्य व्यापारियों में हड़कंप

आयकर विभाग की इस कार्रवाई के बाद पूरे महराजगंज जिले के राइस मिल संचालकों और अन्य व्यापारियों में बेचैनी बढ़ गई है। कई कारोबारी अपने टैक्स रिकॉर्ड, बैंकिंग दस्तावेज और वित्तीय अभिलेखों को व्यवस्थित करने में जुट गए हैं। दिनभर व्यापारिक प्रतिष्ठानों और बाजारों में इसी कार्रवाई की चर्चा होती रही।

फिलहाल आयकर विभाग ने पूरे मामले पर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है। विभाग की ओर से न तो छापेमारी को लेकर कोई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है और न ही नकदी बरामदगी, कथित 59 करोड़ के फाइनेंस या किसी अन्य वित्तीय अनियमितता की पुष्टि की गई है। ऐसे में फिलहाल 1.30 करोड़ नकदी और 59 करोड़ फाइनेंस से जुड़े सभी दावे केवल सूत्रों और बाजार में चल रही चर्चाओं पर आधारित हैं।

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अब पूरे जिले की नजर आयकर विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट पर टिकी है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही विभाग पूरे मामले का खुलासा करेगा और यह स्पष्ट हो सकेगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आए हैं तथा किसी प्रकार की कर चोरी या वित्तीय अनियमितता मिली है या नहीं।

Location :  Maharajganj

Published :  31 July 2026, 12:24 AM IST

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