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उत्तराखंड के सैकड़ों लोग खाड़ी देशों में नौकरी या व्यवसाय कर रहे हैं। इनमें से आठ लोग हल्द्वानी के भी हैं। ईरान-इजरायल युद्ध के चलते भारत में इनके परिजनों और रिश्तेदारों की नींद उड़ी हुई है। खाड़ी में हर रोज हो रहे धमाके उन्हें बुरी तरह चिंतित कर देते हैं।
युद्ध के बीच खाड़ी देशों में फंसे उत्तराखंड के सैकड़ों लोग
Nainital: ईरान-इजरायल युद्ध के चलते देश के अन्य भागों के लोगों की तरह उत्तराखंड के भी कई लोग खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं। कुछ दिन पहले हरिद्वार जिले के 32 लोगों के ईरान में फंसे होने की खबर आई थी। अब बताया जा रहा है कि अकेले हल्द्वानी विकास खंड के आठ लोग खाड़ी में फंसे हुए हैं। वहां हर दिन हो रहे हमलों और धमाकों के कारण उत्तराखंड में उनके परिवारों की नींद उड़ी हुई है। उन्हें खाड़ी में अपने बेटों की सुरक्षा की चिंता सता रही है।
सबसे अधिक चिंता उन लोगों की है जो ईरान में काम कर रहे हैं। लोग चिंतित हैं कि ईरान को अमेरिका और इजरायल दोनों देश निशाना बनाए हुए हैं। अभी कुछ दिन पहले ही हरिद्वार जिले के 32 और चमोली और पौड़ी जिले के एक-एक निवासियों के ईरान में फंसे होने की खबर आई थी।
उत्तराखंड में अपने परिजनों और रिश्तेदारों को परेशान देखकर खाड़ी में फंसे लोग वहां से हर दिन वीडियो कॉालिंग के जरिये उन्हें सांत्वना दे रहे हैं कि खाड़ी में हम कुशल हैं, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। हल्द्वानी के गोरापड़ाव धौलाखेड़ा निवासी हेम चंद्र पांडे के मुताबिक उनका बड़ा बेटा योगेश पांडे दुबई के बुर्जम मेट्रो स्टेशन के पास एक होटल में काम करता है। बेटे ने हल्द्वानी से होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया था। नवंबर माह से वह खाड़ी में नौकरी कर रहा है।
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उनका छोटा बेटा भी दुबई के होटल में काम करता है। वह अगस्त में वहां चला गया था। रोजाना दोनों बेटों से वीडियो कॉल में बात हो रही है। वे वहां सुरक्षित हैं और वहां की खबरें भी बताते रहते हैं। हेम चंद्र पांडे अपने दोनों बच्चों की खैरियत के लिए वह भगवान से प्रार्थना करते रहते हैं।
हल्दूचौड़ निवासी संजय उप्रेती के मुताबिक उनका छोटा भाई संजय तीन साल से दुबई की एक कंपनी में कार्यरत है। उसने पॉलिटेक्निक किया था। इसके बाद वह दुबई नौकरी करने चले गया था। एक कंपनी में वह शिफ्ट इंचार्ज है।
हल्द्वानी के खंड विकास अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक गौलापार किशनपुर निवासी कैलाश पांडे आबूधाबी, धौलाखेड़ा अर्जुनपुर निवासी अभिनव सिंह आबूधाबी, चौसला निवासी नंदन सिंह दो साल से साउथ अफ्रीका, पदमपुर देवलिया निवासी लोकेश लोशाली, देवलचौड़ बंदोबस्ती निवासी करन सिंह नेगी कुवैत में रह रहे हैं।