Donald Trump’s Mega Plan: अब्राहम अकॉर्ड का विस्तार चाहते हैं ट्रंप, मुस्लिम देशों के सामने रखा इजरायल से दोस्ती का प्रस्ताव

Abraham Accords: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब और पाकिस्तान समेत कई मुस्लिम देशों के नेताओं से फोन पर बात कर अब्राहम समझौते के विस्तार की अपील की है। ट्रंप ईरान युद्ध के बाद इजरायल के साथ रिश्ते सामान्य करने पर जोर दे रहे हैं।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 25 May 2026, 8:31 AM IST
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Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने पिछले कार्यकाल के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'अब्राहम अकॉर्ड' (Abraham Accords) का विस्तार करने के लिए एक बार फिर पूरी ताकत से जुट गए हैं। इसके लिए उन्होंने मुस्लिम देशों, विशेष रूप से अरब दुनिया के साथ बड़े स्तर पर कूटनीतिक बातचीत शुरू कर दी है। ट्रंप की योजना है कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौते पर हस्ताक्षर होने और युद्ध समाप्त होने के बाद, सभी प्रमुख मुस्लिम देश अब्राहम अकॉर्ड को आगे बढ़ाएं। वे चाहते हैं कि ये देश इजरायल के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर करें और उसे एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में मान्यता दें। इस पूरी कवायद में ट्रंप की नजरें सबसे ज्यादा सऊदी अरब के रुख पर टिकी हैं।

ट्रंप की मुस्लिम नेताओं के साथ 'कॉन्फ्रेंस कॉल'

एक अमेरिकी मीडिया आउटलेट 'एक्सियोस' ने दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दावा किया है कि डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को एक अहम कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए अरब और अन्य मुस्लिम देशों के नेताओं से बात की। इस बातचीत का मुख्य एजेंडा इजरायल के साथ मुस्लिम देशों के संबंधों को सुधारना और अब्राहम समझौते को नए सिरे से जीवित करना था। ट्रंप ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन के शीर्ष नेताओं के साथ फोन पर चर्चा की और पश्चिम एशिया के भविष्य पर विमर्श किया।

सऊदी-इजरायल डील पर मुख्य फोकस

रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप का मुख्य लक्ष्य सऊदी अरब और इजरायल के बीच ऐतिहासिक समझौता कराना है। ट्रंप इसे पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में स्थायी शांति के लिए सबसे बड़ा और क्रांतिकारी कदम मानते हैं। संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायेद सहित उन नेताओं ने इस पहल का समर्थन किया है, जिनका ईरान के प्रति रुख आक्रामक रहा है। इस सिलसिले में ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी बात की है, हालांकि ईरान के मुद्दे पर इजरायल फिलहाल थोड़ा साइडलाइन नजर आ रहा है।

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प्रस्ताव सुनते ही फोन पर छा गया सन्नाटा

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि जब ट्रंप ने मुस्लिम नेताओं से कहा कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त होने के बाद वे इजरायल के साथ अपने राजनयिक संबंधों को सामान्य बनाएं, तो दूसरी तरफ से कोई तुरंत प्रतिक्रिया नहीं आई। चूंकि सऊदी अरब, कतर और पाकिस्तान के इजरायल के साथ कोई औपचारिक संबंध नहीं हैं, इसलिए ट्रंप के इस अचानक आए अनुरोध ने इन नेताओं को हैरान कर दिया। अधिकारी के अनुसार, फोन पर कुछ देर के लिए गहरा सन्नाटा छा गया, जिसके बाद ट्रंप ने माहौल को हल्का करने के लिए मजाक में पूछा, "क्या आप लोग अभी भी लाइन पर हैं?"

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क्या है अब्राहम अकॉर्ड और ट्रंप की उम्मीदें

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर भी मध्य पूर्व के देशों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और उम्मीद जताई कि यह ऐतिहासिक समझौता और मजबूत होगा। साल 2020 में शुरू हुआ अब्राहम अकॉर्ड अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायल को अरब जगत में स्वीकार्यता दिलाने का एक जरिया है। इसका मुख्य उद्देश्य इजरायल और अरब देशों के बीच दुश्मनी को खत्म कर व्यापारिक और राजनयिक संबंध शुरू करना है। UAE और बहरीन इसमें शामिल होने वाले पहले देश थे, और अब ट्रंप इसका दायरा बहुत बड़ा करना चाहते हैं, जिसने मुस्लिम देशों को कशमकश में डाल दिया है।

Location :  Washington

Published :  25 May 2026, 8:31 AM IST

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