हिंदी
मेरठ ललिता हत्याकांड (Img : Google)
Meerut : मेरठ का दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड अब तनावपूर्ण होता जा रहा है। बुधवार को ललिता के लिए इंसाफ मांगने वाले लोगों पर मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय ने थप्पड़बाजी की, इसके बाद मामले ने और भी ज्यादा तूल पकड़ लिया है। डाइनामाइट न्यूज़ के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जल्द समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल इस मामले में पीड़ित परिवार से मिलने आ सकता है। हालांकि, इसको लेकर समाजवादी पार्टी या अखिलेश यादव की तरफ से अभी तक घोषणा नहीं हुई है। यह जानकारी डाइनामाइट न्यूज़ के सूत्रों के मुताबिक मिली है।
गुरुवार की शाम को मेरठ पुलिस ने ललिता के गांव किरोट में बाहर के लोगों की एंट्री बंद कर दी। गांव के अंदर और बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। गांव में काफी ज्यादा माहौल तनावपूर्ण है। मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय पूरे तरीके से निगरानी रखें हुए हैं। फिलहाल बाहरी लोगों के साथ राजनीतिक दलों की गांव में आवाजाही पर रोक लगा दी है।
दरअसल, छात्रा ललिता गौतम की हत्या के विरोध में बुधवार को एक दलित महापंचायत आयोजित की गई थी। महापंचायत में शामिल प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने सिर्फ ज्ञापन देने की अनुमति थी, लेकिन इस दलित महापंचायत में काफी भीड़ एकत्रित हो गई। प्रदर्शनकारियों के द्वारा कलेक्ट्रेट को घेर लिया गया। जिसके बाद पुलिस ने कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट बंद कर दिया। बस, फिर उसके बाद मामला तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें सड़क खाली कर वहीं ज्ञापन देने का आग्रह किया, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।
करीब शाम 4:00 चार बजे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने धरना समाप्त कराने के लिए लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारियों को एसएसपी ने थप्पड़ मारे। इसकी तमात वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। उसके बाद मामला तनावपूर्ण हो गया। अविनाश पांडेय ने जो थप्पड़बाजी की, उसके विरोध में अखिलेश यादव खुलकर सामने आए।
इसका वीडियो सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने निंदा जाहिर की है। उन्होंने सोशल मीडिया ट्विटर (एक्स) पर पोस्ट करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने कहा, "भाजपा राज में पुलिस अन्याय का रिकॉर्ड तोड़ रही है। मेरठ में दलित समाज की बेटी ललिता गौतम के लिए न्याय की आवाज़ उठाने पर प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार सहित अन्य लोगों पर किया प्रहार और लाठी चार्ज बेहद निंदनीय है। जब प्रदेश-प्रमुख ही सरेआम एक मृतक की मां के साथ असंवेदनशील होने का उदाहरण प्रस्तुत करेंगे तो उनकी पुलिस से कोई उम्मीद करना बेमानी है। घोर निंदनीय!"
आपको बता दें कि मेरठ में टीपीनगर थाना क्षेत्र में स्थित किरोट गांव की रहने वाली 20 वर्षीय ललिता गौतम बीते 15 मई को परीक्षा देने घर से निकली थी, लेकिन इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटी। घरवालों ने उसी दिन गुमशुदगी दर्ज करा दी। उसके बाद 17 मई को रोहटा थाना क्षेत्र के उकसिया गांव के गन्ने के खेत में ललिता गौतम का शव मिला। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत 3 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस का कहना था कि जिस मुख्य आरोपी ने ललिता की हत्या की, वह पहले से परिचित था।
Location : Meerut
Published : 9 July 2026, 10:52 PM IST