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मुख्यमंत्री धामी की नई टीम तैयार! कैबिनेट विस्तार के बाद मंत्रियों को सौंपे गए विभाग, लेकिन गृह और वित्त जैसे शक्तिशाली महकमे किसके पास रहे? जानें खजान दास, मदन कौशिक और अन्य नए मंत्रियों को मिली कौन सी बड़ी जिम्मेदारी। पूरी लिस्ट यहाँ देखें।
उत्तराखंड कैबिनेट विस्तार :(source: google)

इस नए बंटवारे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद को एक 'मजबूत कप्तान' के रूप में पेश किया है। उन्होंने राज्य की सुरक्षा और प्रशासन से जुड़े सबसे संवेदनशील विभाग जैसे गृह, राजस्व, आबकारी और न्याय अपने पास ही रखे हैं। इसके अलावा, राज्य की तिजोरी यानी वित्त विभाग और बिजली-पानी जैसे बुनियादी ऊर्जा एवं पेयजल विभाग भी सीधे मुख्यमंत्री की देखरेख में रहेंगे। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को अपने पास रखकर उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि सरकार की छवि और योजनाओं का फीडबैक सीधा उन तक पहुँचे। जानकारों का मानना है कि इन 15 से अधिक प्रमुख विभागों को अपने पास रखना मुख्यमंत्री की एक रणनीतिक चाल है, ताकि बड़े फैसलों में देरी न हो और शासन पर उनकी पकड़ मजबूत बनी रहे।
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कैबिनेट में शामिल हुए पांचों नए चेहरों को उनकी काबिलियत और क्षेत्रीय संतुलन के हिसाब से मैदान में उतारा गया है। खजान दास को समाज कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण जैसे विभाग दिए गए हैं, जिनका सीधा ताल्लुक समाज के कमजोर वर्गों की मदद से है। वहीं, भरत सिंह चौधरी को ग्राम विकास और छोटे उद्योगों (MSME) की जिम्मेदारी दी गई है, जो उत्तराखंड के गाँवों में रोजगार पैदा करने के लिए सबसे अहम कड़ी हैं। मदन कौशिक जैसे अनुभवी नेता को पंचायतीराज और आपदा प्रबंधन जैसे चुनौतीपूर्ण मोर्चे सौंपे गए हैं, जबकि प्रदीप बत्रा को परिवहन और आईटी (IT) जैसे आधुनिक विभागों का जिम्मा मिला है। युवा विधायक राम सिंह कैड़ा को शहरी विकास और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो दिए गए हैं, जो भविष्य के उत्तराखंड की तस्वीर बदलने की क्षमता रखते हैं।
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उत्तराखंड सरकार में पिछले काफी समय से कैबिनेट के पांच पद खाली चल रहे थे। इनमें से कुछ पद पूर्व मंत्री चंदन राम दास के आकस्मिक निधन और कुछ इस्तीफों की वजह से रिक्त हुए थे। इन पदों के खाली होने के कारण मुख्यमंत्री पर काम का बोझ बहुत ज्यादा था, जिससे कई फाइलें अटक रही थीं। अब नई टीम आने से न केवल मुख्यमंत्री का बोझ कम होगा, बल्कि हर विभाग को एक समर्पित मंत्री मिल गया है। इस बंटवारे के पीछे का मुख्य उद्देश्य 'टीम वर्क' को बढ़ावा देना और 2026 के विकास लक्ष्यों को समय पर पूरा करना है। कुल मिलाकर, धामी की यह नई टीम अब राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रही है।