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महराजगंज में बाढ़ से पहले ‘युद्धस्तर’ तैयारी
Maharajganj: मानसून के आगमन और बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए महराजगंज जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। नेपाल से निकलने वाली नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि की आशंका के बीच जिले के संवेदनशील तटबंधों और बांधों को मजबूत करने का काम तेजी से किया जा रहा है। विभाग का दावा है कि इस बार बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए सभी जरूरी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएंगी।
सिंचाई विभाग द्वारा जर्दी-डोमरा बांध, रामनगर-ठूठीबारी बांध, बसूली गाइड बांध, डोमरा रिंग बांध समेत कई महत्वपूर्ण तटबंधों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन स्थानों पर लगातार मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जा रहा है ताकि बारिश के दौरान किसी भी तरह की टूट-फूट या रिसाव की स्थिति न बने।
बाढ़ पूर्व तैयारियों के तहत तटबंधों पर पर्याप्त मात्रा में मिट्टी का स्टॉक रखा जा रहा है, ताकि आपात स्थिति में तुरंत मरम्मत की जा सके। इसके साथ ही तटबंधों पर उगी झाड़ियों और जंगलों की सफाई की जा रही है, जिससे पानी के बहाव पर नियंत्रण रखा जा सके। स्लोप सुधार और कमजोर हिस्सों की पहचान कर उन्हें मजबूत करने का कार्य भी प्राथमिकता में शामिल है।
तटबंधों से जुड़े रेगुलेटरों की मरम्मत और उनकी पेंटिंग का काम भी तेजी से किया जा रहा है। विभागीय टीमों द्वारा हर संरचना की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि मानसून के दौरान किसी तकनीकी खराबी की संभावना को खत्म किया जा सके। जहां भी कमजोरी दिखाई दे रही है, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
सिंचाई विभाग की टीमें लगातार तटबंधों का निरीक्षण कर रही हैं। किसी भी तरह की लापरवाही से बचने के लिए नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
अधिशासी अभियंता राजीव कपिल ने बताया कि विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है। उन्होंने कहा कि सभी संवेदनशील तटबंधों पर मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है और मानसून से पहले हर हाल में काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उनका कहना है कि मिट्टी स्टॉक, जंगल सफाई और स्लोप सुधार जैसे कार्य प्राथमिकता पर किए जा रहे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
Location : Maharajganj
Published : 9 June 2026, 10:48 AM IST