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कानपुर में दहेज हत्या मामले में आया बड़ा फैसला (Img: Pinterest)
Kanpur: कानपुर की एक अदालत ने दहेज के लिए परेशान करने के मामले में लगभग छह साल बाद एक अहम फैसला सुनाया है। शादी के एक साल से कुछ ही समय बाद प्रिया की मौत हो गई थी; उसके पति संजय, सास गोमती और ससुर रामपाल को दोषी ठहराया गया है और तीनों को सात-सात साल की जेल की सजा सुनाई गई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट-41 के जज राकेश सिंह ने तीनों दोषियों पर 20,000-20,000 का जुर्माना भी लगाया।
वीरेंद्र कुमार निषाद की भतीजी प्रिया की शादी मार्च 2019 में कानपुर के कैंटोनमेंट इलाके के माकुपुरवा निवासी संजय से हुई थी। उसके परिवार का आरोप था कि शादी के तीन महीने बाद ही उसे दहेज के लिए परेशान किया जाने लगा था। आरोप था कि ससुराल वाले 3 लाख रुपये और एक कार की मांग कर रहे थे। जब ये मांगें पूरी नहीं हुईं, तो प्रिया के साथ मारपीट और प्रताड़ना की गई।
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मामले की जानकारी के अनुसार, 26 जून 2020 को प्रिया ने अपने मायके वालों को फोन करके बताया कि ससुराल में उसके साथ मारपीट की गई है। परिवार वाले स्थिति को पूरी तरह समझ पाते उससे पहले ही अगले दिन उसकी मौत की खबर आ गई। इसके बाद उसके मामा वीरेंद्र कुमार निषाद ने कैंटोनमेंट पुलिस स्टेशन में उसके पति संजय, सास गोमती और ससुर रामपाल के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
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सुनवाई के दौरान, ससुराल वालों रामपाल (लगभग 73 वर्ष) और गोमती (लगभग 63 वर्ष) की ज्यादा उम्र का हवाला देते हुए सजा में नरमी की अपील की गई। हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने तीनों दोषियों को सात साल की जेल की सजा सुनाई। फैसले के बाद तीनों को जेल भेज दिया गया। साथ ही, उन सभी पर 20,000 का जुर्माना भी लगाया गया।
Location : Kanpur
Published : 4 October 2026, 12:02 PM IST