अखिलेश यादव की रणनीति: धनराज नाथवानी और रामगोपाल मैदान में, एनडीए के छोटे दल और असंतुष्ट विधायक निभाएंगे निर्णायक भूमिका

अक्टूबर 2026 में यूपी की 10 राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव में सपा के पास दो सीटें जीतने का बहुमत है। तीसरी सीट के लिए कांग्रेस का साथ और एनडीए के असंतुष्ट विधायकों की क्रॉस-वोटिंग निर्णायक होगी। रामगोपाल और धनराज नाथवानी मैदान में हैं।

Updated : 4 October 2026, 11:05 AM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर राज्यसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। अक्टूबर 2026 में होने वाले इन चुनावों ने राज्य के सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। इस चुनाव में मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के सामने अपने दम पर दो सीटें आसानी से जीतने का संख्याबल है, लेकिन तीसरी यानी 10वीं सीट पर जीत हासिल करने के लिए उसे कड़ी मशक्कत और रणनीतिक जोड़-तोड़ का सहारा लेना पड़ रहा है।

संख्याबल का गणित और सपा-कांग्रेस गठबंधन की स्थिति

उत्तर प्रदेश की कुल 10 राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे इस चुनाव में एक सीट जीतने के लिए न्यूनतम 37 प्रथम वरीयता के वोटों की आवश्यकता होती है। मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के पास करीब 291 विधायक हैं, जिसके दम पर वह आसानी से 7 सीटें जीत सकती है और अपनी 8वीं सीट के लिए उसे कुछ और वोटों की दरकार है।

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दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के अपने 101 विधायक हैं। इसके साथ गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के 2 विधायक मिलकर इस संख्या को 103 तक पहुंचाते हैं। सपा ने अपने दो उम्मीदवारों की जीत (प्रत्येक के लिए 37 यानी कुल 74 वोट) सुरक्षित करने के बाद भी गठबंधन के पास 29 अतिरिक्त वोट बचते हैं। हालांकि, तीसरी सीट पर जीत दर्ज करने के लिए उन्हें कम से कम 8 से 9 और विधायकों के समर्थन की सख्त आवश्यकता है।

कांग्रेस और एनडीए के छोटे दल बन सकते हैं गेमचेंजर

सपा के लिए तीसरी सीट की राह आसान करने में कांग्रेस और एनडीए के भीतर मौजूद छोटे सहयोगी दलों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सुभासपा, आरएलडी, निषाद पार्टी और अपना दल (एस) जैसे एनडीए के छोटे घटकों के पास कुल मिलाकर 33 विधायक हैं।

राजनीतिक गलियारों और अंदरखाने की चर्चाओं के अनुसार, सपा प्रमुख अखिलेश यादव इन दलों के भीतर मौजूद असंतुष्ट विधायकों के संपर्क में हैं। इसके अलावा, राज्य के आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कुछ भाजपा विधायकों द्वारा पाला बदलने और क्रॉस-वोटिंग करने की अटकलें भी तेज हैं, जो इस चुनाव के नतीजों का पासा पलट सकती हैं।

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रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी की उम्मीदवारी

इस राजनीतिक मुकाबले को और अधिक दिलचस्प बनाते हुए समाजवादी पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव के साथ-साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज के वरिष्ठ कार्यकारी धनराज परिमल नाथवानी को मैदान में उतारा है।

धनराज नाथवानी की उम्मीदवारी ने इस चुनाव को कॉरपोरेट और राजनीतिक गलियारों दोनों जगह चर्चा का केंद्र बना दिया है। कॉरपोरेट जगत का मजबूत समर्थन होने के कारण छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों के बीच क्रॉस-वोटिंग की संभावनाएं काफी बढ़ गई हैं। यही फैक्टर आने वाले दिनों में राज्यसभा की इस हाई-प्रोफाइल सीट के परिणाम तय करने में सबसे बड़ी और निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

Location :  Lucknow

Published :  4 October 2026, 11:05 AM IST

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