बरेली में करोड़ों के खेल का पर्दाफाश, 66 करोड़ के चेक बाउंस होते ही धड़ाम हुआ समझौता, अब प्रशासन ने उठाया यह कड़ा कदम

बरेली की बहेड़ी केसर चीनी मिल और अवध फूड्स के बीच समझौता टूटने के बाद अब मिल की जमीन की नीलामी 24 अक्टूबर को होगी। अवध फूड्स द्वारा दिए गए 66 करोड़ रुपये के चेक बाउंस होने से किसानों के बकाए भुगतान की उम्मीदों को झटका लगा है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 9 October 2026, 11:26 AM IST
google-preferred

Bareilly: बरेली के बहेड़ी स्थित केसर शुगर मिल से जुड़े किसानों के गन्ने के बकाया भुगतान का मामला एक बार फिर अटक गया है। अवध फूड्स के साथ समझौता टूटने और 66 करोड़ रुपये का चेक बाउंस होने के बाद मिल की जमीन की नीलामी की प्रक्रिया फिर से शुरू की जा रही है। जिला प्रशासन ने नीलामी के लिए 24 अक्टूबर की तारीख तय की है। इसका मतलब है कि जिन किसानों को अपने बकाया पैसे मिलने की उम्मीद थी, उन्हें अब और देरी का सामना करना पड़ सकता है।

चेक बाउंस होने के बाद समझौता टूटा

बहेड़ी में केसर शुगर मिल के मुड़िया फार्म की जमीन की नीलामी का प्रस्ताव पहले ही रखा गया था। नीलामी से ठीक एक दिन पहले अवध फूड्स के मैनेजमेंट ने कलेक्ट्रेट में मिल के मैनेजमेंट को 66 करोड़ के चेक सौंपे थे, जिससे नीलामी की प्रक्रिया टाल दी गई थी। हालांकि, चेक बाउंस होने के बाद केसर मिल और अवध फूड्स के बीच समझौता टूट गया। अब प्रशासन ने किसानों के गन्ने के बकाया भुगतान के लिए जमीन की नीलामी की तैयारी फिर से शुरू कर दी है।

यह भी पढ़ें - कॉल सेंटर की आड़ में डॉक्टर बनकर बेच रहे थे दवाएं, Instagram Ads से फंसाते थे ग्राहक; Bareilly में 2 गिरफ्तार

24 अक्टूबर को नीलामी करने का फैसला गुरुवार को जिला मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। बैठक में ADM (वित्त और राजस्व), जिला गन्ना अधिकारी और बहेड़ी के SDM समेत कई अधिकारी शामिल हुए। नीलामी की तैयारियों की समीक्षा के लिए 22 अक्टूबर को एक और बैठक तय की गई है।

किसानों ने अवध फूड्स की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाए

किसानों ने अवध फूड्स की आर्थिक स्थिति और मिल के मैनेजमेंट की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि कंपनी का गठन और रजिस्ट्रेशन इसी साल मार्च में हुआ था। कंपनी की कथित सीमित आर्थिक क्षमता का हवाला देते हुए, किसानों ने सवाल किया है कि 66 करोड़ रुपये के भुगतान का समझौता किस आधार पर किया गया था। किसानों का आरोप है कि शुरुआती समझौते से नीलामी रुक गई थी और उन्हें बकाया पैसे मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन चेक बाउंस होने से उनकी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। हालांकि, कंपनी की आर्थिक क्षमता के दावों की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

यह भी पढ़ें - Bareilly LPG Connection: 57 कॉलोनियों के 1,200 घरों में बंद होगी LPG, PNG नहीं लिया तो कटेगा कनेक्शन

DM ने किया साफ : नीलामी टाल दी गई थी, रद्द नहीं की गई

ज़िला मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह ने साफ किया कि प्रशासन ने नीलामी रद्द नहीं की थी, बल्कि उसे सिर्फ टाल दिया था। उन्होंने कहा कि किसानों का गन्ने का बकाया चुकाना प्रशासन की प्राथमिकता है। DM के अनुसार, शुरुआती चेक बाउंस होने के बाद अब किसानों का बकाया चुकाने के लिए 24 अक्टूबर को नीलामी कराने की तैयारी चल रही है। फिलहाल किसानों की नज़र प्रस्तावित नीलामी पर है; उन्हें उम्मीद है कि एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद लंबे समय से अटके भुगतान का रास्ता साफ हो जाएगा।

Location :  Bareilly

Published :  9 October 2026, 11:26 AM IST

Related News

Advertisement