कॉल सेंटर की आड़ में डॉक्टर बनकर बेच रहे थे दवाएं, Instagram Ads से फंसाते थे ग्राहक; Bareilly में 2 गिरफ्तार

बरेली के इज्जतनगर में पुलिस ने कॉल सेंटर की आड़ में कथित तौर पर फर्जी तरीके से दवाएं बेचने वाले गिरोह का खुलासा किया है। छापेमारी में दो आरोपी गिरफ्तार हुए, जबकि एक फरार हो गया। मौके से 85 दवा पैकेज, 12 मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और 1.99 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं।

Post Published By: Ramdev Gupta
Updated : 7 October 2026, 3:56 AM IST
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Bareilly: उत्तर प्रदेश के बरेली में कॉल सेंटर की आड़ में फर्जी तरीके से दवाओं का कारोबार करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। इज्जतनगर थाना क्षेत्र की राजीव इन्क्लेव कॉलोनी में छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि उनका एक साथी मौके से फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी Instagram पर भ्रामक विज्ञापन चलाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और फोन पर खुद को डॉक्टर बताकर दवाएं बेचते थे।

एसपी सिटी मानुष पारीक ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में बताया कि आरोपियों के पास दवाओं की बिक्री का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। पुलिस ने मौके से दवाओं के 85 पैकेज, 12 मोबाइल फोन और 1.99 लाख रुपये नकद समेत बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद किए हैं।

कॉल सेंटर में ग्राहकों के मोबाइल नंबर का रिकॉर्ड

पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान एक युवक कंप्यूटर और मोबाइल फोन के साथ बैठा मिला। वहां मिले रजिस्टरों में ग्राहकों के मोबाइल नंबर दर्ज थे। दूसरे कमरे में एक युवक जमीन पर बैठकर खाली कैप्सूलों में सामग्री भर रहा था। इसके बाद कैप्सूलों को छोटी डिब्बियों में पैक कर कार्टन में रखा जा रहा था।

पुलिस टीम के पहुंचते ही एक आरोपी पीछे के दरवाजे से फरार हो गया। मौके से देवरनियां के वार्ड छह निवासी समीरउद्दीन (24) और इज्जतनगर के बड़ी बिहार निवासी यूसुफ (25) को गिरफ्तार किया गया। फरार आरोपी की पहचान इलियास खां के रूप में हुई है, जो बड़ी बिहार का रहने वाला बताया गया है।

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Instagram पर 'हर्बल हैंड जड़ीबूटी' के नाम से विज्ञापन

पुलिस का दावा है कि आरोपी Instagram पर 'हर्बल हैंड जड़ीबूटी' नाम से आईडी चला रहे थे। इस अकाउंट के जरिए कथित तौर पर भ्रामक विज्ञापन प्रसारित किए जाते थे। विज्ञापनों के जरिए लोगों को संपर्क में लाने के बाद आरोपी फोन पर खुद को डॉक्टर बताकर दवाएं बेचते थे।

पुलिस के मुताबिक, ग्राहक से बातचीत और दवाओं की बिक्री के लिए कॉल सेंटर का इस्तेमाल किया जाता था। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे सहारनपुर और मुरादाबाद से सामग्री खरीदकर लाते थे। इसके बाद सामग्री को कैप्सूल में भरकर और रैपर लगाकर अपनी फर्जी फर्म के नाम से पैक किया जाता था। हालांकि, पुलिस के प्रेस नोट में बरामद कैप्सूलों में इस्तेमाल की गई सामग्री की प्रकृति का उल्लेख नहीं किया गया है।

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जांच से बचने के लिए रखा था कथित फर्जी लाइसेंस

पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास दवाओं के इस कारोबार के लिए कोई वैध लाइसेंस नहीं था। छापेमारी के दौरान एक कूटरचित लाइसेंस की कॉपी भी बरामद हुई। पुलिस का आरोप है कि जांच या चेकिंग के दौरान इसी दस्तावेज को दिखाकर कारोबार को वैध साबित करने की कोशिश की जाती थी।

पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर करीब एक साल से यह काम करने की बात स्वीकार की है। पुलिस के मुताबिक, इस कारोबार से होने वाले मुनाफे को तीनों आरोपी आपस में बराबर बांटते थे। जांच में देवरनियां कस्बे में उनकी एक दुकान और वहां सामान रखे होने की जानकारी भी सामने आई है।

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12 मोबाइल, 85 दवा पैकेज और 1.99 लाख रुपये बरामद

पुलिस ने मौके से 12 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, छह सीपीयू, आठ मॉनिटर, छह कीबोर्ड, माउस, एक प्रिंटर, दो बिल प्रिंटर और एक स्कैनर बरामद किया है। इसके अलावा दवाओं के 85 पैकेज, पैकिंग सामग्री और कई दस्तावेज भी मिले हैं।

पुलिस के मुताबिक, मौके से छह चेकबुक, 14 एटीएम कार्ड और 1 लाख 99 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। इज्जतनगर पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। प्रभारी निरीक्षक सुरेश चन्द्र गौतम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

Location :  Bareilly

Published :  7 October 2026, 3:56 AM IST

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