UGC Row: अपना दल की विधायक पुलिस की हिरासत में, जानें क्या है पूरा मामला

यूजीसी कानून के समर्थन में IT चौराहे से विधानसभा तक मार्च करने की तैयारी कर रहीं अपना दल की विधायक पल्लवी पटेल को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सैकड़ों समर्थकों के साथ मार्च की अनुमति न मिलने पर पुलिस लाइन के पास विधायक धरने पर बैठ गईं।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 10 February 2026, 7:11 PM IST
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Lucknow: राजधानी में मंगलवार को उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब अपना दल की विधायक पल्लवी पटेल को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई उस वक्त हुई, जब वे यूजीसी कानून के समर्थन में IT चौराहे से विधानसभा तक मार्च निकालने की तैयारी कर रही थीं। विधायक के साथ बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे, जिन्हें मार्च को लेकर पहले से ही अलर्ट पर खड़ी पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया।

IT चौराहे से विधानसभा तक मार्च की थी तैयारी

जानकारी के अनुसार, विधायक पल्लवी पटेल अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ IT चौराहे से विधानसभा तक शांतिपूर्ण मार्च निकालना चाहती थीं। उनका कहना था कि यह मार्च पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना था, ताकि यूजीसी कानून के समर्थन में अपनी बात सरकार तक पहुंचाई जा सके। हालांकि, प्रशासन की ओर से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए मार्च की अनुमति नहीं दी गई। इसके चलते मौके पर पहले से भारी पुलिस बल तैनात रहा और समर्थकों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया।

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पुलिस रोक के बाद धरने पर बैठीं विधायक

पुलिस लाइन के पास जब पुलिस ने मार्च को रोक दिया, तो विधायक पल्लवी पटेल वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गईं। उनके साथ मौजूद समर्थकों ने भी नारेबाजी शुरू कर दी। धरने के दौरान विधायक ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहती हैं और यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है।
स्थिति को संभालने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और विधायक से धरना समाप्त करने की अपील की। काफी देर तक मान-मनौव्वल का दौर चलता रहा, लेकिन विधायक अपने समर्थकों के साथ वहीं डटी रहीं।

प्रदर्शनकारी हिरासत में

जब काफी प्रयासों के बावजूद धरना समाप्त नहीं हुआ और भीड़ बढ़ने लगी, तो पुलिस ने सख्ती बरतते हुए विधायक पल्लवी पटेल समेत उनके समर्थकों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने सभी को वाहनों में बैठाकर सुरक्षित स्थान पर ले गए, ताकि इलाके में किसी तरह की अव्यवस्था न फैले।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह एहतियातन की गई और किसी के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं हुआ। वहीं, अपना दल के नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया और सरकार पर आवाज दबाने का आरोप लगाया।

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हिरासत के बाद भी राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। समर्थकों का कहना है कि विधायक का उद्देश्य सिर्फ यूजीसी कानून के समर्थन में अपनी बात रखना था, जबकि प्रशासन का तर्क है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।

फिलहाल, पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई की जा रही है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर राजधानी की सियासत में आंदोलन और प्रशासनिक सख्ती को लेकर बहस छेड़ दी है।

Location : 
  • Lucknow

Published : 
  • 10 February 2026, 7:11 PM IST

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